एएनएम व नर्सिंग की फर्जी डिग्री दिलाने के मामले में पुलिस ने एक चिकित्सक को गिरफ्तार कर लिया है। बाद में उसका चालान कर दिया गया। वह पूर्व में रामनगर सीएचसी पर संविदा चिकित्सक के तौर पर काम कर चुका है।
गौरतलब है कि बीते दिनों जलालपुर तहसील के नेवादा निवासी एक महिला निशा पाठक ने बसखारी निवासी एमबीबीएस चिकित्सक डॉ. ओमप्रकाश तिवारी पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया था। महिला का कहना था कि चिकित्सक ने उसे एएनएम की डिग्री दिलाने का वादा किया था।
पहले तो इंकार करते रहे, लेकिन बाद में उसे जो डिग्री दिलाई भी, वह फर्जी थी। इसमें उसका लाखों रुपये खर्च भी हुआ। डॉ. तिवारी उस समय आलापुर तहसील क्षेत्र के रामनगर सीएचसी में संविदा चिकित्सक के तौर पर कार्यरत थे। विवाद के तूल पकडने पर उसी दौरान प्रशासनिक आधार पर तत्कालीन सीएमओ ने संविदा चिकित्सक के तौर पर सेवा समाप्त कर दी थी।
महिला इसके बाद भी कार्रवाई के लिए दौड़ रही थी। बाद में उसकी तहरीर पर बसखारी थाने में चिकित्सक के विरुद्ध धोखाधड़ी की धारा में केस दर्ज हुआ। इस बीच मंगलवार को बसखारी पुलिस चिकित्सक को बसखारी बाजार से दिन में गिरफ्तार कर लिया।
बताते चलें कि जमऊपुर में ही डॉ. ओमप्रकाश द्वारा प्रकाश हॉस्पिटल भी संचालित है। गिरफ्तारी के बाद चिकित्सक को बसखारी थाने लाया गया, जहां से उसका चालान कर दिया गया। हालांकि चिकित्सक ने खुद को बेगुनाह बताते हुए कहा कि उन्हें साजिश का शिकार बनाया गया है। उन्हें न्यायालय पर भरोसा है, वहां से उन्हें न्याय मिलेगा। उधर एसओ मनोज पंत ने चिकित्सक को गिरफ्तार किए जाने की पुष्टि की है।