गलनभरी ठंड का प्रकोप शुक्रवार को और भी बढ़ गया। सुबह से ही चल रही सर्द हवा से लोग कांप उठे। हड्डियों को गला देने वाली ठंड से आम जनजीवन पूरी तरह अस्त व्यस्त हो गया। उधर ठंड के चलते अकबरपुर में शुक्रवार को एक दुधमुंहे बच्चे की मौत हो गई। ठंड से जिले में यह पहली मौत है। घटना से परिवारीजनों में रोना पीटना मचा हुआ है। निधन की जानकारी होने पर बड़ी संख्या में लोगों ने परिवारीजनों को ढांढ़स बंधाया। सड़कों व बाजारों में पूरे दिन सन्नाटे का माहौल रहा।
शुक्रवार का दिन अब तक का सबसे ठंडा दिन रहा। कोहरे का प्रकोप तो कम रहा लेकिन बादल के साथ ही सर्द हवा ने लोग को कंपा दिया। सुबह से ही हड्डियों को गला देने वाली ठंड का दौर शुरू हो गया, जो पूरे दिन जारी रहा। अकबरपुर थाना क्षेत्र के इंद्रलोक कालोनी निवासी अवनीश दुबे के लगभग एक माह के बेटे की ठंड लगने से मौत हो गई।शुक्रवार सुबह छह बजे वह दूध पीकर सो गया। साढ़े नौ बजे जब बच्चे की मां ने उसे जगाने का प्रयास किया, तो वह नहीं उठा।
इससे परिवारीजनों को चिंता होने लगी। पिता अवनीश आननफानन में बच्चे को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। यहां चिकित्सक डा. आरके वर्मा व डा. डीपी वर्मा को दिखाया, तो उन्होंने बच्चे को मृत घोषित कर दिया। पिता अवनीश के अनुसार चिकित्सकों ने बताया कि बच्चे की मौत ठंड लगने से हुई है। इस पर परिवारीजनों में रोना पीटना मच गया। शव को गमगीन माहौल में दफना दिया गया।
मालूम हो कि एक दिन पहले गुरुवार को दोपहर बाद कुछ देर के लिए धूप निकली पर शुक्रवार को पूरे दिन सूर्य के दर्शन नहीं हुए। कड़ाके की ठंड से जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों की बाजारों में पूरे दिन सन्नाटा रहा। सड़कें भी सूनीं रहीं। गलनभरी ठंड से बचने के लिए लोग अलाव का सहारा लेते दिखे। बहुत जरूरी होने पर ही लोग घर से बाहर निकले। अकबरपुर रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन क्षेत्र, पुराने तहसील तिराहा क्षेत्र, शहजादपुर चौक क्षेत्रों में वैसे तो सन्नाटा रहा, लेकिन चाय के होटल आबाद रहे। दिन में तो शहरी व नगरीय क्षेत्र के कुछ लोग घरों से बाहर निकले, लेकिन शाम होते होते वे भी अपने घरों में कैद हो गए।