मामला कोतवाली क्षेत्र के एक गांव का है। महिला के मुताबिक बीती 9 जुलाई 2014 की रात वह घर से कुछ काम के लिए बाहर निकली थी। उसका पति रोजगार के सिलसिले में बाहर रहता है। घर पर उसकी 14 वर्षीय पुत्री अकेली थी। उसी समय कस्बा पूरब निवासी परवेज अख्तर घर में घुस गया। वह अधिवक्ता है।
उसकी पुत्री को उसने दुराचार करने की नीयत से पकड़ लिया। जबरदस्ती करने पर बालिका ने गुहार लगाई तो लोग जुट गए। इस पर वह जान से मारने की धमकी देते हुए भाग गया। महिला के मुताबिक उसने थाने में घटना की तहरीर दी थी लेकिन पुलिस ने केस दर्ज करने की बजाए उसे लौटा दिया।
इस पर महिला ने न्यायालय की शरण ली। कोर्ट ने मामले में आरोपी के विरुद्ध केस दर्ज कर विवेचना का निर्देश दिया। इसके बाद अधिवक्ता के विरुद्ध पास्को एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है।