गुहार पर जब तक ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचते, तब तक दोनों युवक जान से मारने की धमकी देते हुए वहां से भाग खड़े हुए। घायल युवती को पहले सीएचसी टांडा ले जाया गया, जहां से हालत की गंभीरता को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
बाद में युवती के पिता की तहरीर पर पुलिस ने दो युवकों के विरुद्ध केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। शुक्रवार सुबह सीओ ने घटनास्थल पर पहुंचकर आवश्यक पूछताछ की। घटना के पीछे पुराना विवाद बताया जा रहा है।
पीड़ित पक्ष के मुताबिक गुरुवार रात लगभग साढ़े दस बजे गांव निवासी सूर्यलाल पुत्र रामराज के घर का दरवाजा खटखटाया। दरवाजा सूर्यलाल की 20 वर्षीय पुत्री प्रियंका ने खोला। आरोप है कि जैसे ही उसने दरवाजा खोला, तभी दो युवक जबरन घर में घुस गए और उसके साथ अभद्रता करने लगे।
साथ ही उसे मारने के लिए असलहा निकाल लिया। अपनी जान बचाने के लिए गुहार मचाती हुई प्रियंका घर के अंदर भागी। आवाज सुनकर परिवार के अन्य सदस्य भी कमरे से बाहर निकले। इस बीच दोनों युवकों ने फायरिंग शुरू कर दी। इससे प्रियंका को दो गोलियां लगीं।
एक उसके पेट के नीचे लगी, जबकि दूसरी गोली हाथ में लगी। गोली की आवाज एवं चीख पुकार पर इर्दगिर्द के घरों से लोग घटनास्थल की तरफ दौड़ पड़े। बड़ी संख्या में ग्रामीणों को अपनी तरफ आता देख दोनों बदमाश हवा में फायरिंग करते हुए जान से मारने की धमकी देते हुए वहां से भाग खड़े हुए।
गंभीर रूप से घायल प्रियंका को लेकर परिजन सीएचसी टांडा गए, जहां हालत की गंभीरता को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
उधर घटना की जानकारी होने पर एसओ बृजेश मिश्र ने बताया कि पिता सूर्यलाल की तहरीर पर जीतेंद्र पुत्र हरीलाल निवासी चक आसोपुर तथा उमेश यादव उर्फ त्रिपाठी पुत्र रामशरण निवासी ककराही थाना अलीगंज के खिलाफ दलित एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर आरोपिऱ्यों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।
बताया कि बीते 27 नवंबर 2015 को बच्चों के विवाद में दोनों पक्षों के बीच मारपीट हुई थी। मामले में एनसीआर भी दर्ज है। इसी मामले में ही घटना को अंजाम दिया गया है।
उन्होंने इस बात से इंकार किया कि कोई चुनावी मामला है। बताया कि केस दर्ज करने के लिए जो तहरीर दी गई है उसमें भी पुराने विवाद का ही जिक्र है। बताते चलें कि इस मामले में चुनावी रंजिश में गोली मारे जाने की खबर सामने आई थी, लेकिन इसकी कोई पुष्टि किसी स्तर पर नहीं हो सकी।
इस बीच शुक्रवार सुबह सीओ राघवेंद्र मिश्र ने गांव पहुंचकर घटनास्थल का जायजा लिया। साथ ही उन्होंने आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए।