अंबेडकरनगर। लोकसभा चुनाव में जिले के 17 थानों में सुरक्षा की कमान अगले कुछ दिनों तक पीआरडी जवानों के कंधों पर होगी। थानों में तैनात पुलिस कर्मियों को पहले दूसरे व अन्य चरण के मतदान के लिए संबंधित जनपदों में रवाना होना है। थानों में प्रभारी के अलावा बमुश्किल एक या दो सिपाही ही बचेंगे। ऐसे में थाना क्षेत्र में सुरक्षा संभालने के लिए पीआरडी जवानों को भेजा जा रहा है। 150 पीआरडी जवान सोमवार को अलग-अलग थानों में भेज दिए गए। न्यायालय की सुरक्षा में लगे पुलिस कर्मियों की भी ड्यूटी चुनाव में लग जाने के चलते 50 पीआरडी जवानों को न्यायालय व न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा में लगाया गया है।
लोकसभा चुनाव ड्यूटी के चलते जिले में कानून व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने की चुनौती प्रशासन के सामने खड़ी हो गई है। ऐसा इसलिए क्योंकि पहले, दूसरे व अन्य चरण के मतदान के लिए जिले से पुलिस कर्मियों की ड्यूटी अलग-अलग जनपदों में लग रही है। हालात यह है कि ऐसे पुलिस कर्मियों की रवानगी होने पर थानों में प्रभारी के अलावा मुंशी तथा कहीं पर एक सिपाही भी शेष बच रहा है। पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगने का आलम यह है कि अधिकारियों की सुरक्षा के लिए तैनात शिफ्टवार ड्यूटी तोड़ दी गई है। एक गनर को ही 24 घंटे की ड्यूटी देनी पड़ेगी।
इन्हीं सब परिस्थितियों के बीच जनपद न्यायालय की सुरक्षा में लगे पुलिस कर्मियों को भी हटाना पड़ा है। सिपाहियों व दरोगा के अलावा होमगार्ड जवान भी गैर जनपद चुनावी ड्यूटी में भेजे जाएंगे। ऐसे में जनपद न्यायालय की सुरक्षा बनाए रखने तथा थानों में कानून कायम रखने का जिम्मा अब सीधे पीआरडी जवानों पर आ गया है।
थानों व न्यायालय से पुलिस कर्मियों के रवाना होने से पहले ही सोमवार 1 अप्रैल को 200 पीआरडी जवानों की तैनाती थानों व न्यायालय के लिए कर दी गई। इसमें से लगभग 50 पीआरडी जवान जनपद न्यायालय व न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा के लिए तैनात किए गए हैं। 15 पीआरडी जवान अकबरपुर, 10 जवान अलीगंज, 8 अहिरौली, 10 आलापुर, 9 इब्राहिमपुर, 7 जहांगीरगंज, 7 जैतपुर, 15 जलालपुर, 15 टांडा, 10 बसखारी, 6 बेवाना, 8 भीटी, 5 मालीपुर, 5 महरुआ, 7 राजेसुल्तानपुर, 7 सम्मनपुर, 6 हंसवर थाने भेजे गए हैं।
दो माह तक संभालेंगे सुरक्षा का जिम्मा
200 पीआरडी जवानों को जनपद न्यायालय व थानों की सुरक्षा के लिए 1 अप्रैल से दो माह के लिए भेजा गया है। इन्हें पहले से ही इसलिए भेज दिया गया है, जिससे यह जवान थानों में पहुंचकर अपनी ड्यूटी को भलीभांति समझ लें। कानून व्यवस्था की बेहतरी तय करने में यह अपनी महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करेंगे। -जेपी सिंह, जिला युवा कल्याण अधिकारी