नरेंद्र हत्याकांड में अभियुक्त को आजीवन कारावास
अंबेडकरनगर। छह वर्ष पूर्व हुए नरेंद्र हत्याकांड में अपर जनपद न्यायाधीश अनमोल पाल ने एक अभियुक्त को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उस पर दस हजार का अर्थदंड भी लगाया गया है। न्यायालय ने संदेह के आधार पर प्रकरण से जुड़े छह अभियुक्तों को दोषमुक्त कर दिया है।
मामला जैतपुर थाना क्षेत्र के चकिया गांव से जुड़ा है। गांव निवासी हरदेव यादव ने थाने में दी तहरीर में कहा कि 2013 में 15 जनवरी को जब वह अपने हिस्से की भूमि पर निर्माण करा रहा था, तभी पटीदारों पंकज व दीपक पुत्र राजदेव ने विरोध व हंगामा शुरू कर दिया। उन लोगों ने पिटाई भी की।
इसका मुकदमा लिखाया। अस्पताल से चिकित्सीय परीक्षण कराकर जब वह अपने पुत्र के साथ लौट रहे थे, तभी पंकज व दीपक, पंकज के साथ भीम यादव व सोनू यादव निवासी नेवादा खुर्द, रनबहादुर यादव निवासी बहरपुर, दीपक सिंह निवासी रत्ना एक जीप से आए और हमला बोल दिया।
इसमें श्याम देवी ने भी मदद की। असलहे से फायरिंग शुरू कर दी गई। मुझे व मेरे पुत्र नरेंद्र को गोली लगी। नरेंद्र की अस्पताल में मौत हो गई। पुलिस ने मामले में आरोपियों के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। उन पर 7 क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट एक्ट भी लगाया गया। बाद में आरोपियों को न्यायालय से जमानत मिल गई।
इस बीच सत्र परीक्षण के दौरान अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय अनमोल पाल ने भीम यादव, श्यामा देवी, सुभाष यादव, दीपक सिंह, रनबहादुर व सोनू को विभिन्न मामले में संदेह का लाभ देते हुए आरोपों से बरी कर दिया, लेकिन अभियुक्त पंकज यादव को गोली मारे जाने का दोषी पाया। आदेश में कहा कि एक गोली मारकर हत्या की गई है। ऐसे में यह मामला विरल से विरलतम की श्रेणी में नहीं आता। न्यायाधीश ने पंकज को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। उस पर 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।