फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

टीईटी परीक्षा से पहले ही छूट रहे आवेदकों को पसीने

विज्ञापन
विज्ञापन
अंबेडकरनगर। टीईटी परीक्षा देने से पहले ही आवेदकों को ऑनलाइन आवेदन करने में पसीने छूट रहे हैं। वेबसाइट न खुलने से युवाओं के समक्ष विभिन्न प्रकार की मुश्किलें खड़ी हो रही हैं। अक्सर आवेदन फार्म भरने के दौरान ही धनराशि खाते से कट जा रही है, लेकिन आवेदन की रिसीविंग नहीं मिल पाती है। अब जबकि 4 अक्तूबर तक ही आवेदन किया जा सकता है, तो ऐसे में आवेदकों में आवेदन करने को लेकर चिंता बढ़ गई है। सर्वर में गड़बड़ी को देखते हुए आवेदन की तिथि बढ़ाए जाने की मांग युवाओं ने की है।
विज्ञापन

गौरतलब है कि 4 नवंबर को टीईटी परीक्षा होनी है। इसके लिए 17 सितंबर से आवेदन करने का कार्य प्रारंभ हुआ। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 4 अक्तूबर रखी गई। टीईटी परीक्षा देने के लिए बड़ी संख्या में युवक व युवतियां आवेदन के लिए साइबर कैफे पहुंच रहे हैं। हालांकि वेबसाइट के अक्सर न खुलने व समय-समय पर सर्वर के फेल होने से युवाओं को आवेदन करने में बड़ी मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है। शायद ही कोई ऐसा दिन गुजरता हो, जब सर्वर सुचारु रूप से कार्य करता हो। सुबह से ही साइबर कैफे पर आवेदन के लिए युवाओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो जाता है। तमाम कोशिशों के बावजूद देर शाम तक कभी सर्वर ठीक से काम न करने, तो कभी साइट न खुलने के चलते उन्हें मायूस होकर वापस लौटना पड़ रहा है। कुछ आवेदक तो देर रात तक साइबर कैफे पर जमे रहते हैं।
इतना ही नहीं, आवेदन करने के दौरान आवेदकों को आर्थिक चपत भी लग रही है। दरअसल ऑनलाइन फॉर्म भरने के बीच में ही 500 रुपये आवेदन फीस कट जाती है, लेकिन फार्म भरे जाने की रिसीविंग नहीं प्राप्त होती। इससे न सिर्फ आवेदकों, बल्कि साइबर कैफे संचालकों को विभिन्न प्रकार की मुश्किलें उठानी पड़ रही है। अब जबकि आवेदन करने को मात्र चार दिन ही शेष रह गया है, तो ऐसे में अभी भी बड़ी संख्या में आवेदक ऑनलाइन फॉर्म नहीं भर सके हैं। उन्हें चिंता सता रही है कि यदि ऐसे ही रहा, तो वे फार्म भरने से वंचित रह जाएंगे। इसे देखते हुए आवेदन करने की तिथि बढ़ाए जाने की मांग ने जोर पकड़ना शुरू कर दिया है।
विज्ञापन


आवेदन में हो रही बड़ी समस्या
अकबरपुर नगर के गांधी आश्रम के निकट एक साइबर कैफे पर पहुंचे अमर उजाला के प्रतिनिधि से अपना दर्द बयां करते हुए आवेदक दिनेश ने कहा कि वह बीते एक सप्ताह से आवेदन के लिए साइबर कैफे की दौड़ लगा रहा है, लेकिन अब तक इसमें सफलता नहीं मिल सकी है। चिंता सता रही है कि यदि समय रहते आवेदन नहीं हो पाया, तो क्या होगा। हेमंत त्रिपाठी ने कहा कि बड़ी मुश्किल से आवेदन किया, तो बीच में ही फीस की 500 रुपये की धनराशि कट गई, लेकिन आवेदन पूर्ण होने की रिसीविंग नहीं मिल सकी। ऐसे में अब दोबारा आवेदन कराना पड़ेगा। पूनम वर्मा, शिखा श्रीवास्तव, व सविता ने कहा कि वह बीते चार दिन से आवेदन के लिए साइबर कैफे का चक्कर लगा रहे हैं। सुबह आते हैं और इंतजार में शाम हो जाती है। कहा कि बड़ी संख्या में युवा अभी भी आवेदन करने से वंचित हैं। ऐसे में उनके हित को देखते हुए आवेदन की तिथि बढ़ाई जानी चाहिए।

मात्र 400 ही हुए आवेदन
अकबरपुर नगर के गांधी आश्रम क्षेत्र में साइबर कैफे का संचालन कर रहे राजन पांडेय ने कहा कि वेबसाइट के न खुलने के चलते ऑनलाइन फॉर्म भरने में मुश्किल खड़ी हो रही है। अब तक 1 हजार से अधिक युवाओं ने फॉर्म भरने के लिए पंजीकरण कराया है, लेकिन मात्र 400 का ही आवेदन हो सका है। कहा कि आवेदन के दौरान उनके खाते से डेढ़ लाख रुपये की धनराशि कट गई, लेकिन आवेदन की रिसीविंग नहीं मिल सकी है। इस संबंध में बैंक से संपर्क स्थापित करेंगे कि कटने वाली धनराशि कैसे वापस होगी। कहा कि दरअसल वे आवेदकों से कैश रकम लेकर अपने खाते से फीस की धनराशि कटवा देते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें