बसखारी (अंबेडकरनगर)। सहारा अस्पताल के संचालक डॉ. हिमायतुल्लाह से छह लाख रुपये रंगदारी मांगने के मामले में पुलिस ने जेल में बंद माफिया खान मुबारक के गुर्गे दिलीप चौरसिया को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के पास से एक तमंचा व तीन जिंदा कारतूस भी बरामद किया है। मामले में खान मुबारक समेत तीन अन्य पर पहले से ही केस दर्ज हैं।
बसखारी स्थित सहारा अस्पताल के संचालक डॉ. हिमायतुल्लाह ने बसखारी थाने में दो जुलाई को प्रार्थना पत्र देकर केस दर्ज कराया था कि सुल्तानपुर जेल में बंद माफिया सरगना खान मुबारक ने इंटरनेट कॉलिंग से 6 लाख रुपये की रंगदारी मांगी है। चिकित्सक के मुताबिक, धमकी के कुछ घंटों बाद ही खान मुबारक के दो-तीन गुर्गे उनके अस्पताल पर भी पहुंच गए। पुलिस ने खान मुबारक समेत तीन पर केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी। अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज निकालकर पहचान की गई। फुटेज में साबुकपुर निवासी दिलीप चौरसिया, मेढ़ी सुलेमपुर निवासी प्रयास व एक अन्य का नाम सामने आया। पुलिस ने मामले की तत्परता के साथ जांच शुरू की है।
एसपी संतोष कुमार मिश्र विवेचना व दबिश की प्रगति जानने स्वयं बसखारी थाने पहुंच गए। पुलिस की सक्रियता को देख एक आरोपी प्रयास ने एक पुराने मामले में आत्मसमर्पण कर जेल की राह पकड़ ली। इस बीच एक अन्य बदमाश दिलीप चौरसिया को बसखारी थाना प्रभारी मनबोध तिवारी व अन्य पुलिस कर्मियों ने बुधवार रात बसखारी के पास से गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से एक अदद तमंचा तथा तीन जिंदा कारतूस बरामद किया गया। थाना प्रभारी ने बताया कि प्रयास व दिलीप ने अस्पताल पहुंचकर इंटरनेट कॉल के जरिए खान मुबारक की बात चिकित्सक से कराई थी, जबकि एक अन्य बदमाश बाहर खड़ा होकर निगरानी कर रहा था। एसओ के मुताबिक फरार बदमाश की तलाश की जा रही है। इस बीच एसपी संतोष कुमार मिश्र ने इस बड़े मामले का जल्द खुलासा कर एक बदमाश की गिरफ्तारी कर लेने पर पुलिस टीम को पांच हजार रुपये का पुरस्कार दिया है। एसपी ने कहा कि ऐसे मामलों में इसी तत्परता के साथ कार्रवाई लगातार तय करनी होगी।