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सरकारी बोरी की धांधली मामले में पीसीएफ प्रबंधक समेत 6 पर केस

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अंबेडकरनगर। सरकारी बोरी को चोरी चुपके क्रय केंद्र से निकाले जाने के मामले में जलालपुर पुलिस ने जिला प्रबंधक पीसीएफ समेत छह लोगों के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। पुलिस ने मामले में छानबीन शुरू कर दी है।
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गेहूं क्रय केंद्र अशरफपुर मजगवां जलालपुर के क्रय केंद्र प्रभारी पंकज वर्मा पर किसानों ने गेहूं खरीद में मनमानी का आरोप लगाया था। उनका कहना था कि जब वे गेहूं बिक्री के लिए क्रय केंद्र पर जाते हैं, तो बोरी न होने का हवाला देकर उन्हें वापस कर दिया जाता है। 14 जून की अपराह्न भी जब वे गेहूं बिक्री के लिए गए, तो यह कहकर वापस कर दिया गया कि एक तो बोरी नहीं है, उस पर से अब गेहूं खरीद का कार्य भी समाप्त हो गया है। 26 जून की रात क्रय केंद्र प्रभारी पंकज वर्मा एक आटो पर सरकारी बोरी लादकर एक व्यापारी की मिल पर भेज रहा था कि इसी बीच किसानों ने वाहन को पकड़ लिया। इसकी सूचना एसडीएम व पीसीएफ जिला प्रबंधक को दिया था।
मामले की शिकायत जिलाधिकारी सुरेश कुमार तक पहुंची, तो उन्होंने मामले में केस दर्ज कराने का निर्देश दिया। जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी अजित प्रताप सिंह ने जिला प्रबंधक पीसीएफ अश्विनी शुक्ल को केंद्र प्रभारी के अलावा इसमें लिप्त लोगों पर केस दर्ज करने का निर्देश दिया। दो दिनों तक जब जिला प्रबंधक पीसीएफ द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई, तो उनकी कार्यशैली को संदिग्ध मानते हुए खाद्य एवं विपणन अधिकारी ने क्षेत्रीय खाद्य निरीक्षक को मामले में केस दर्ज कराने का निर्देश दिया। इस पर क्षेत्रीय खाद्य निरीक्षक ज्ञान प्रकाश वर्मा की तहरीर पर जलालपुर पुलिस ने जिला प्रबंधक पीसीएफ अश्विनी शुक्ला, अशरफपुर मजगवां सचिव पंकज वर्मा, चौकीदार मुन्नीलाल, आटो चालक अनूप कुमार, बोरी ले जाने वाले व्यापारी भगवानदीन व एक अन्य के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया। थानाध्यक्ष नीरज सिंह ने बताया कि क्षेत्रीय खाद्य निरीक्षक की तहरीर पर केस दर्ज कर छानबीन की जा रही है।
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जांच में कम मिला था गेहूं
बोरी बेचे जाने के मामले में डीएम सुरेश कुमार के निर्देश पर क्षेत्रीय विपणन अधिकारी के नेतृत्व में गठित तीन सदस्यीय टीम ने पूरे मामले की जांच की। जांच के दौरान पाया कि सिर्फ बोरी ही मनमाने ढंग से नहीं निकाली गई, बल्कि खरीद रजिस्टर के अनुसार स्टाक गेहूं में 23 कुंतल 44 किग्रा गेहूं भी कम मिला। टीम ने जांच रिपोर्ट खाद्य एवं विपणन अधिकारी के माध्यम से जिलाधिकारी को सौंपी। इसके बाद ही डीएम ने मामले में केस दर्ज करने का निर्देश दिया।
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