अंबेडकरनगर। धान खरीद घोटाले को लेकर जिला प्रशासन ने अब तक सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए 28 केस दर्ज कराए जिसमें कुल 54 लोग नामजद हुए हैं। इसमें धान खरीद से जुड़ी एक निजी संस्था के जिला प्रभारी व 25 केंद्र प्रभारी समेत 26 बिचौलिये भी शामिल हैं। डीएम ने खाद्य विभाग से दो मार्केटिंग इंस्पेक्टर, कर्मचारी कल्याण निगम के तत्कालीन जिला प्रभारी तथा उनके दो क्रय केंद्र प्रभारियों के विरुद्ध कठोर विभागीय कार्रवाई की संस्तुति शासन से की है। खरीद से जुड़ी आदर्श कोआपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड का पंजीयन निरस्त करने की संस्तुति सहकारिता विभाग को भेज दी गई जबकि मेसर्स फारमर्स फार्चून इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को धान व गेहूं खरीद के लिए ब्लैक लिस्टेड करने की प्रबल संस्तुति की गई है। डीएम ने कहा है कि केस दर्ज कराने के अलावा पुलिस की विस्तृत जांच में यदि किसी अन्य अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका सामने आती है तो उस पर वैधानिक कार्रवाई के अलावा विभागीय कार्रवाई भी होगी।
गौरतलब है कि शासन के निर्देश पर प्रदेश के 28 जिलों में बीते दिनों हुए धान खरीद में धांधली की आशंका की जांच गोपनीय ढंग से चल रही थी। इसमें अंबेडकरनगर भी शामिल था। अत्यंत गुपचुप ढंग से चल रही जांच का खुलासा सिर्फ अमर उजाला ने गत दिवस किया था। अमर उजाला ने मामला सार्वजनिक किया तो जांच का निष्कर्ष निकालने में और तेजी आ गई। इस बीच गुरुवार को कलेक्ट्रेट में डीएम सुरेश कुमार ने बताया कि शासन के निर्देश पर कराई गई जांच में पाया गया कि कुल 26 बिचौलिये ऐसे थे जिन्होंने अलग-अलग केंद्रों पर अलग-अलग आईडी के जरिये कई बार धान की बिक्री अनियमित ढंग से की। इन सभी 26 बिचौलियों के विरुद्ध संबंधित थानों में केस दर्ज करा दिया गया है। कुल 30 क्रय केंद्रों पर धान खरीद में धांधली हुई लेकिन भारतीय खाद्य निगम के अधीन कार्यरत फारमर्स फार्चून इंडिया प्राइवेट लिमिटेड नामक प्राइवेट प्लेयर्स के 25 क्रय केंद्र इस गड़बड़ी में मुख्य रूप से शामिल पाए गए। ऐसे में इस संस्था के जिला प्रभारी व उनके सभी 25 क्रय केंद्र प्रभारियों के विरुद्ध भी केस दर्ज कराया गया है। सहकारिता विभाग से जुड़ी समिति आदर्श कोआपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड हसनपुर जलालपुर के क्रय केंद्र प्रभारी के विरुद्ध भी केस दर्ज कराया गया है।
डीएम ने बताया कि कुल 28 प्राथमिकी के माध्यम से 54 लोगों पर केस दर्ज हुआ है। आदर्श कोआपरेटिव सोसाइटी का पंजीयन निरस्त करने की संस्तुति सहकारिता विभाग से की जा रही है जबकि फारमर्स फार्चून इंडिया प्राइवेट लिमिटेड संस्था को धान व गेहूं खरीद के लिए ब्लैक लिस्टेड करने की संस्तुति शासन को भेजी जा रही है। खाद्य विभाग के दो मार्केटिंग इंस्पेक्टरों अकबरपुर के योगेश सिंह तथा भीटी के प्रभारी मनोज गिरि के अलावा कर्मचारी कल्याण निगम के तत्कालीन जिला प्रभारी तथा उनके दो क्रय केंद्र प्रभारियों के विरुद्ध भी कठोर विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की गई है। डीएम ने कहा कि पूरे मामले में कठोरतम कार्रवाई इसलिए की गई है क्योंकि वास्तविक किसानों को प्रदेश सरकार की समर्थन मूल्य योजना का जो लाभ मिलना चाहिए था उससे उन्हें वंचित करने का काम किया गया। इसमें शामिल कोई भी व्यक्ति बख्शा नही जाएगा। इसीलिए बड़े पैमाने पर कार्रवाई कराई जा रही है। आगे पुलिस की विवेचना में यदि कोई विभागीय अधिकारी व कर्मचारी किसी प्रकार से संलिप्त पाया गया तो उस पर भी वैधानिक व विभागीय कार्रवाई हर हाल में तय कराई जाएगी।
इन थानों में दर्ज हुए केस
धान खरीद में धांधली को लेकर अकबरपुर, भीटी, टांडा, इब्राहिमपुर, मालीपुर व जैतपुर थाने में जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी एवं संबंधित विपणन निरीक्षकों की तरफ से केस दर्ज कराया गया। केस दर्ज होने के बाद पुलिस अब पूरे मामले की विवेचना करेगी। पुलिस अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि मामले में तत्परतापूर्वक विवेचना सुनिश्चित कराई जाएगी।
इन ग्रामीणों व बिचौलियों पर दर्ज हुआ केस
प्रशासन ने अनियमित ढंग से बिक्री मामलेे में जिन ग्रामीणों व बिचौलियों पर केस दर्ज कराया है उसमें मरथुआ सरैया के सूर्यप्रकाश, योगेंद्र वर्मा, मनोज कुमार वर्मा, अमित कुमार, शीला देवी, शिवपूजन वर्मा, गणेश गुप्ता, रामपूजन वर्मा, राजधर यादव, अमरेश कुमार, रघुराज, घनश्याम व राजकुमारी, हाशिमगढ़ छितुनी के दयाशंकर वर्मा, मेवालाल वर्मा, रविशंकर, विजयशंकर, रामपलट वर्मा, जियालाल, बनगांव डिहवा की विमला देवी, यरकी के शिवकुमार यादव, गड़ेरिया का पूरा के सुनील कुमार तिवारी, टंडौली की उपासना सिंह, अन्नावां के राजेश कुमार, सैदापुर के अनिल कुमार व ताजूपुर अमित कुमार मिश्र शामिल हैं।
इन क्रय केंद्र प्रभारियों पर दर्ज हुआ केस
फारमर्स फार्चून इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के जिला प्रभारी जलालपुर तहसील क्षेत्र के कन्नूपुर निवासी विकास सिंह चंदेल के अलावा रामपुर सकरवारी के केंद्र प्रभारी वीरेंद्र कुमार वर्मा, बरियावन के बिपिन सिंह, गौहन्ना के सत्येंद्र यादव, ककरडिल्ला के दिलीप वर्मा, हरिनाथपुर के सतेंद्र कुमार सिंह, सोनावां के अरुणेश कुमार सिंह, हरिपुर के ध्रुवदेव, अन्नावां के लक्ष्मीनिवास तिवारी, भीटी के प्रमोद तिवारी, सुंथर के दयानंद उपाध्याय, नसीराबाद के बृजेश कुमार सिंह, केदारनगर के दिलीप सिंह, पुंथर के विंदेश्वरी प्रसाद, आलापुर के आलोक रंजन त्रिपाठी, दौलतपुर के नवीन गुप्ता, हंसवर के हरीनरायन, इंदईपुर के संदीप कुमार, मंसूरपुर के नवनीत सिंह, रहीमपुर के जनार्दन, पट्टी के चंद्रप्रकाश सिंह, सुरहुरपुर के अशोक कुमार, नेवादा के अरुण कुमार गर्ग, मरहरा के अभिषेक सिंह, अहिरौली के उमेश कुमार सिंह व सेमरा के केंद्र प्रभारी पवन सिंह के विरुद्ध संबंधित थाने में केस दर्ज कराया गया।