अंबेडकरनगर। कोरोना के कहर ने सोमवार को 6 बैंक शाखाओं को 48 घंटे के लिए सील कर दिया। अलग-अलग बैंक शाखाओं के लगभग 20 कर्मचारियों के कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद सोमवार को जिला मुख्यालय स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया समेत अलग-अलग बैंकों की कुल 6 शाखाओं को 48 घंटे के लिए सील कर दिया गया। कर्मचारियों को होम आइसोलेट करते हुए संबंधित बैंक शाखाओं को सैनिटाइज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। उधर, एलडीएम ने बैंक उपभोक्ताओं से अपील करते हुए कहा कि लगातार बढ़ते कोरोना को देखते हुए बैंक में आने की बजाय नेट बैंकिंग पर अधिक जोर दें।
जिले में कोरोना के कहर से बैंक शाखाएं भी अछूती नहीं हैं। सोमवार को कोरोना का कहर आधा दर्जन बैंक शाखाओं पर टूटा। जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में स्थित विभिन्न बैंकों की आधा दर्जन बैंक शाखाओं में लगभग 20 कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव पाए गए। बड़ी संख्या में बैंक कर्मचारियों के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने से संबंधित बैंक शाखाओं में हड़कंप मच गया। आननफानन में संबंधित बैंक शाखाओं को सील कर कर्मचारियों को होम आइसोलेट कर दिया गया। साथ ही संबंधित बैंक शाखाओं को 48 घंटे के लिए सील कर उसे सैनिटाइज किए जाने की भी प्रक्रिया शुरू कर दी गई।
एलडीएम आशीष कुमार सिंह ने बताया कि शहजादपुर स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में सोमवार को कर्मचारी के कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद उसे 48 घंटे के लिए सील कर दिया गया। इसके अलावा बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा भीटी, बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक पतौना, दौलतपुर, माडरमऊ, हंसवर में कर्मचारियों के कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद सोमवार को 48 घंटे के लिए सील कर दिया गया।
बताया कि संक्रमित कर्मचारियों को होम आइसोलेट करने के साथ ही संबंधित बैंक शाखा को सैनिटाइज किए जाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। इसके अलावा बरियावन, रामनगर, अकबरपुर, साबितपुर, ढोलबजवा बैंक शाखा में भी बीते दिनों कर्मचारियों के कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद कर्मचारियों को होम आइसोलेट कर शाखा को सैनिटाइज किया गया था।
नेट बैंकिंग पर दें जोर
एलडीएम आशीष कुमार सिंह ने उपभोक्ताओं से अपील करते हुए कहा कि अत्यंत आवश्यक होने पर ही बैंक आएं। तेजी से बढ़ रहे कोरोना को देखते हुए मोबाइल बैंकिंग, एटीएम कार्ड, ई-वैलेट, डेविड कार्ड, क्रेडिट कार्ड, यूपीआई, नेट बैंकिंग व आधार कार्ड का प्रयोग धन जमा करने व निकालने में करें। अत्यंत एहतियात बरतने की आवश्यकता है। इसे लेकर खुद भी जागरूक हों और दूसरों को भी जागरूक करें।