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कोरोना को लेकर जिला अस्पताल में लापरवाही का माहौल

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अंबेडकरनगर। एक तरफ जहां जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्या में हर दिन वृद्धि हो रही है, वहीं जिला अस्पताल में इसे लेकर पूरी तरह लापरवाही का माहौल है। कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए जिला अस्पताल में तीन सैनिटाइजर मशीन लगाई गईं थीं, लेकिन शुरुआती दौर से ही इसका समुचित लाभ इलाज के लिए आने वाले मरीजों व उनके तीमारदारों को नहीं मिल पा रहा है। अक्सर खराब रहने वाली इन मशीनों को दुरुस्त कराने की सुध नहीं ली जा रही है। अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि करीब डेढ़ माह से तीनों मशीनें खराब पड़ी हैं, लेकिन उन्हें दुरुस्त नहीं कराया जा रहा है। नतीजा यह है कि बगैर खुद को सैनिटाइज किए ही मरीज व उनके तीमारदार बेधड़क होकर अस्पताल आ जा रहे हैं।
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गौरतलब है कि कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए बीते मई माह की शुरुआत में ही जिला अस्पताल में तीन सैनिटाइजर मशीनें शासन से उपलब्ध हुई थी। ओपीडी, इमरजेंसी व सामान्य वार्ड में एक एक मशीन स्थापित की गई। शुरुआत के कुछ दिन तक तो तीनों मशीनों ने सुचारु रूप से कार्य किया, लेकिन इसके बाद से उनमें खराबी आने लगी। बीच बीच में दुरुस्त भी कराया, लेकिन लंबे समय तक सुचारु रूप से नहीं चल सकी। नतीजा यह है कि बीते लगभग डेढ़ माह से तीनों मशीनें खराब हैं, लेकिन इन्हें दुरुस्त कराने की सुध नहीं ली जा रही है।
ऐसे में इलाज के लिए आने वाले मरीज व उनके तीमारदार बेधड़क होकर बिना खुद को सैनिटाइज किए ही अस्पताल के अंदर आ जा रहे हैं। ऐसा तब है जबकि अस्पताल के कई कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव पाए जा चुके हैं। मंगलवार को अमर उजाला टीम जिला अस्पताल पहुंची तो उसे तीनों मशीनें खराब मिलीं। तीमारदार राजेश कुमार, सुधीर व प्रियंका ने नाराजगी जताते हुए कहा कि कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए शासन प्रशासन द्वारा विभिन्न प्रकार के ठोस कदम उठाए जा रहे हैं, लेकिन अस्पताल प्रशासन इसे लेकर तनिक भी गंभीर नहीं है। उन्होंने खराब पड़ी मशीनों को अविलंब दुरुस्त कराए जाने की मांग की। उधर, सीएमएस डॉ. पीएन यादव ने बताया कि मशीनों को दुरुस्त कराया गया था। सुचारु रूप से कार्य कर रही थीं। जब भी कुछ गड़बड़ी होती है तो उसे दुरुस्त कराया जाता है। कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए अस्पताल आने वाले मरीजों व उनके तीमारदारों को लगातार जागरूक किया जा रहा है।
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