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Ambedkar Nagar News: एनओसी के इंतजार में दो वर्ष से लटका शवदाह गृह का निर्माण

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विद्युतनगर (अंबेडकरनगर)। सरयू नदी के राजघाट पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से एनओसी न मिलने से शवदाह गृह का निर्माण दो वर्ष से अधर में लटका है। नगर पालिका टांडा के पास 42 लाख 62 हजार रुपये तीन वर्ष से पड़े हैं। इससे करीब 50 हजार की आबादी को शवों के अंतिम संस्कार में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
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टांडा नगर पालिका की तरफ से 3 वर्ष पहले 42 लाख 62 हजार रुपये की स्वीकृति शवदाह गृह निर्माण के लिए मिली। इससे चारदीवारी, शवदाह स्थल से लेकर शौचालय, एक कार्यालय कक्ष, लोगों के बैठने के लिए बेंच, हैंडपंप एवं अन्य व्यवस्थाएं उपलब्ध होनी हैं। करीब एक वर्ष बाद सरयू नदी के राजघाट पर शवदाह गृह के निर्माण के लिए भूमि चिह्नित की गई। निर्माण के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अयोध्या से एनओसी के लिए ऑनलाइन आवेदन किया गया।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अयोध्या के एक अवर अभियंता ने मौके की जांच की। आरोप है कि अभियंता ने मनमाने तरीके से रिपोर्ट लगा दी कि संबंधित भूमि आबादी के नजदीक है। इसके चलते करीब दो वर्ष से प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तरफ से एनओसी जारी नहीं हो सका। इससे लोगों को शव के अंतिम संस्कार में काफी मुश्किल हो रही है।
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लोगों ने जताई नाराजगी
नगर के प्रमुख समाजसेवी धर्मवीर सिंह बग्गा, देवी प्रसाद अग्रहरि, आनंद कुमार सिंधी आदि का कहना है कि विभागीय मनमानी के चलते यह दिक्कत हो रही है। राजघाट पर लंबे समय से शवों का अंतिम संस्कार हो रहा है। संबंधित क्षेत्र में कोई आबादी भी नहीं है। इसके बावजूद रिपोर्ट लगाने में मनमानी की गई है। इसका खामियाजा नगर के लोगों को भुगतना पड़ रहा है।


दोबारा किया गया पत्राचार
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से एनओसी के लिए दोबारा पत्राचार किया गया है। जब तक एनओसी नहीं मिलती तब तक निर्माण हो पाना संभव नहीं है। ऐसे में प्रयास किया जा रहा है कि एनओसी मिल जाए, जिससे शवदाह गृह का निर्माण हो सके। - डॉ. आशीष कुमार सिंह, अधिशासी अधिकारी
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