स्वास्थ्य राज्यमंत्री की बदसुलूकी से क्षुब्ध होकर एक सिपाही ने 15 दिन की छुट्टी मांगी है। उसका कहना है कि स्वास्थ्य राज्यमंत्री ने सभी के सामने उसे अपमानित किया। उधर मंत्री ने आरोप से इंकार किया है।
भीटी थाने में तैनात सिपाही शौकत अली खां ने मंगलवार को सीओ भीटी राघवेंद्र से मुलाकात कर शिकायती पत्र सौंपा। इसमें कहा गया कि वह 19 जून को भीटी थाना अंतर्गत रामपुर गिरंट गांव में स्वास्थ्य राज्यमंत्री शंखलाल मांझी की सुरक्षा में एस्कॉर्ट के साथ गया था। कहा कि गांव निवासी रामसहाय यादव व बलदेव यादव के बीच लंबे समय से भूमि विवाद है।
वह उस क्षेत्र का हलका सिपाही भी है। कार्यक्रम के दौरान रामसहाय वहां पहुंच गया और मामले के संबंध में स्वास्थ्य राज्यमंत्री मांझी को शिकायती पत्र दिया। आरोप है कि मांझी ने एक सिपाही से उसे अपने पास बुलाया और मामले के निपटारे के बारे में जानकारी हासिल करने लगे। इससे पहले कि वह कुछ बताता कि मंत्री मांझी ने अपशब्दों का प्रयोग शुरू कर दिया।
उसने उनसे अपनी बात सुनने की बात कही, लेकिन मंत्री जी कुछ सुनने को ही तैयार नहीं थे। वह लगातार अभद्रता करते रहे। मंत्री के चिल्लाने के कारण भीड़ जमा हो गई। कुछ लोगों ने उन्हें समझाने का प्रयास भी किया, लेकिन मंत्री चुप नहीं हुए। इस पर वहां मौजूद अन्य सिपाहियों ने उसे वाहन पर लाकर बैठा दिया। तब से वह काफी क्षुब्ध व तनाव में है।
एडिशनल एसपी राहुल राज ने कहा कि मामला संज्ञान में हैं लेकिन लिखित शिकायत अभी मुझ तक नहीं पहुंची है। सीओ भीटी को पूरा मामला देखने को कहा गया है। स्वास्थ्य राज्यमंत्री शंखलाल मांझी ने कहा कि उन्होंने सिपाही से सिर्फ मामले की जानकारी ली थ्ी, किसी प्रकार की अभद्रता नहीं की गई। आरोप सही नहीं हैं।