ग्रामीणों का आरोप है कि गांव का कोटेदार लम्बे समय से मनमानी कर रहा है। राशन कम देने के साथ ही निर्धारित दर से अधिक की वसूली की जाती है। यही नहीं बीच बीच में पूरे महीने का राशन भी बेंच लिया जाता है।
इससे उपभोक्ताओं का राशन भी नहीं मिल पाता। खाद्य विभाग के अधिकारियों से मामले की शिकायत दर्ज कराई गई, लेकिन अधिकारियों की उदासीनता के चलते मामले में कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। इससे कोटेदार की मनमानी बदस्तूर जारी है। ग्रामीणों ने एसडीएस से मामले में त्वरित कार्रवाई की मांग की है।
पत्र में सुशील कुमार, तिलकराज, सूरत, रामअछैबर, पन्नालाल, रामसिंगार, साधूराम, शिवपूजन, रामजीत व फूलचन्द्र सहित लगभग 4 दर्जन ग्रामीणों के हस्ताक्षर मौजूद हैं। ग्रामीणों ने कहा कि यदि अविलंब कार्रवाई न हुई तो वह सब जिला मुख्यालय पहुंचकर धरना प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे।