ड्रगवेयर हाउस का निरीक्षण करते औषधि निरीक्षक।
अंबेडकरनगर। राजस्थान और मध्य प्रदेश में कफ सिरप पीने से बच्चों की मौत के मामलों के बाद अंबेडकरनगर में भी औषधि प्रशासन सतर्क हो गया है। जिला प्रशासन ने मेडिकल स्टोरों पर कफ सिरप की बिक्री की सख्त निगरानी शुरू कर दी है। कई दुकानों से सिरप के नमूने लिए गए हैं, जबकि कोल्ड्रिफ कफ सिरप पर विशेष नजर रखी जा रही है।
औषधि विभाग की टीम ने सोमवार को ड्रग वेयरहाउस और दर्जनों मेडिकल स्टोरों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान कोल्ड्रिफ सिरप कहीं भी नहीं पाया गया, लेकिन टीम ने सोपेक्स, एलएस जूनियर, टोपेक्स समेत अन्य ब्रांड के कफ सिरप के नमूने जांच के लिए एकत्र किए हैं।
औषधि विभाग ने सभी मेडिकल स्टोर संचालकों को सख्त चेतावनी दी है कि प्रतिबंधित कफ सिरप की बिक्री किसी भी सूरत में न की जाए। कहीं पर इस सिरप की बिक्री पाई जाती है, तो संबंधित दुकानदार के खिलाफ औषधि एवं प्रसाधन अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
ड्रग इंस्पेक्टर शैलेंद्र सिंह ने बताया कि बच्चों की मौत की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए फिलहाल सभी कंपनियों के कफ सिरप के सैंपल लिए जा रहे हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि कोई सिरप मानक से बाहर है या नहीं।