अंबेडकरनगर। धरती के भगवान कहे जाने वाले चिकित्सकों की बड़ी संवेदनहीनता शुक्रवार को सामने आई। कोरोना से संघर्ष कर रहे आम नागरिकों के बीच जिला अस्पताल के सीएमएस समेत 13 चिकित्सक व कर्मचारी शुक्रवार को सीएमओ डॉ. अशोक कुमार के नेतृत्व वाली तीन सदस्यीय टीम के निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित मिले। अस्पताल में चारों तरफ गंदगी फैली दिखी। इस पर नदारद चिकित्सकों व कर्मचारियों का एक दिन का वेतन काटने का निर्देश देते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। कहा गया कि यदि जवाब संतोषजनक नहीं हुआ, तो कार्रवाई की जाएगी। इस बीच अनुपस्थित मिले सीएमएस के विरुद्ध कार्रवाई के लिए सीएमओ ने जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी।
लगातार बढ़ रहे कोरोना संकट के बीच चिकित्सकों व स्वास्थ्य कर्मियों की बड़ी लापरवाही शुक्रवार को जिला अस्पताल में सामने आई। चिकित्सकों व स्वास्थ्य कर्मियों के लगातार ड्यूटी से नदारद रहने की शिकायतें सामने आने के बीच इसे संज्ञान में लेते हुए शुक्रवार को सीएमओ डॉ. अशोक कुमार के नेतृत्व में डॉ. एके गुप्ता व डॉ. संजय गुप्ता की टीम ने जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया।
उपस्थित रजिस्टर का जायजा लिया गया तो न सिर्फ सीएमएस डॉ. ओमप्रकाश, बल्कि पांच चिकित्सक समेत कुल 12 कर्मचारी नदारद मिले। जांच में सीएमएस डॉ. ओमप्रकाश के साथ ही डॉ. गुलाबचंद्र, डॉ. राहुल, डॉ. एपी गुप्ता, डॉ. कुलदीप गुप्ता, डॉ. चंद्रेश, लैब टेक्नीशियन अजीत प्रताप सिंह, सविता देवी, सुरेंद्र, स्टॉफ नर्स संगीता गौतम, साधना सिंह, कविता वर्मा, प्रीति ड्यूटी पर नहीं मिले। इस पर नदारद मिले चिकित्सकों व कर्मचारियों का एक दिन का वेतन काटने के साथ ही कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
निरीक्षण के दौरान जिला अस्पताल में चारों तरफ अव्यवस्थाएं नजर आईं। मुख्य गेट से लेकर भवन के अंदर जगह-जगह गंदगी पसरी दिखी। इस पर सीएमओ ने कड़ी नाराजगी जताई। सीएमओ डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि नदारद मिले 12 चिकित्सकों व कर्मचारियों के विरुद्ध एक दिन का वेतन काटे जाने के साथ ही कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
चिकित्सकों व कर्मचारियों पर हो सख्त कार्रवाई
सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. रमाकांत मिश्र ने जिला अस्पताल के चिकित्सकों व कर्मचारियों के अनुपस्थित रहने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि जिन्हें धरती का भगवान कहा जाता है, उन्हीं की ओर से इस प्रकार की लापरवाही बरती जा रही है। कोरोना संकटकाल में इस प्रकार की लापरवाही बरतने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। सामाजिक कार्यकर्ता अनिरुद्ध कुमार ने कहा कि कोरोना संकट के बीच एक तरफ जहां कोविड की दवाएं नदारद हैं, तो वहीं जिला अस्पताल से चिकित्सक व कर्मचारी भी नदारद रहते हैं। यह अत्यंत चिंताजनक है। मरीजों का समय पर समुचित इलाज सुनिश्चित हो सके, इसके लिए जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।