शुक्रवार को जिला अस्पताल के निरीक्षण के दौरान महिला आयोग की अध्यक्ष से शिकायत करती महिला। संवा
अंबेडकरनगर। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान ने जिला महिला चिकित्सालय का निरीक्षण किया। इस दौरान मरीजों ने इलाज, अल्ट्रासाउंड और डॉक्टरों की अनुपलब्धता को लेकर शिकायतें कीं। आयोग अध्यक्ष ने अस्पताल प्रशासन को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने तत्काल व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए।
आजमगढ़ के सुलेमपुर से आई निधि ने बताया कि 70 किलोमीटर का सफर तय करने के बाद भी डॉक्टर न होने से उन्हें लौटा दिया गया। उन्हें तत्काल अल्ट्रासाउंड कराना था। अन्य महिलाओं ने भी अल्ट्रासाउंड के लिए कई दिन बाद की तारीख मिलने की शिकायत की। इससे गर्भवती महिलाओं को परेशानी हो रही है। मरीजों ने स्टाफ नर्सों पर बिना डॉक्टर की सलाह के वापस भेजने का आरोप लगाया। डॉ. बबीता सिंह चौहान ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रमोद कुमार और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. पीएन यादव को मौके पर ही फटकारा।
उन्होंने जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। आयोग अध्यक्ष ने कहा कि मरीजों को बिना इलाज लौटाना और मनमाने ढंग से काम करना गंभीर मामला है। आयोग अध्यक्ष ने कहा कि डॉक्टर की सलाह के बिना किसी मरीज को वापस नहीं किया जा सकता। डॉ. बबीता सिंह चौहान ने अस्पताल की बंद पड़ी लिफ्ट के संबंध में भी बात की। उन्होंने कहा कि जल्द ही लिफ्टमैन की तैनाती कर लिफ्ट का संचालन शुरू कराया जाएगा।
महिलाओं की गोदभराई की, जिला कारागार का लिया जायजा
एक दिवसीय दौरे पर शुक्रवार को जिले पहुंची डॉ. बबीता सिंह चौहान की मौजूदगी में जिला अस्पताल में गोदभराई, अन्नप्राशन व कन्या जन्मोत्सव कार्यक्रम आयोजित किया गया। उन्होंने गर्भवती महिलाओं की गोद भराई की रस्म पूरी कराई और बच्चों को अन्नप्राशन कराया। नवजात कन्या शिशुओं के जन्मोत्सव पर केक काटकर उनका स्वागत किया गया। उन्होंने सर्किट हाउस में 16 महिलाओं की समस्याएं सुनकर उनके निस्तारण के आदेश भी दिए। इसके बाद उन्होंने जिला कारागार का निरीक्षण कर पौधरोपण किया। साथ ही बंदियों के प्रशिक्षण के लिए लगाए गए दो पावरलूम का औपचारिक उद्घाटन भी किया।