पंचायत भवनों को वाई-फाई सुविधा का इंतजार।
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ग्राम पंचायतों में वाई-फाई सुविधायुक्त बनाने का दावा फिलहाल हवा-हवाई होता नजर आ रहा है। इसका अंदाजा इसी से दिखता है कि जिले की 902 ग्राम पंचायतों के मिनी सचिवालय भवनों में से अब तक सिर्फ सौ भवनों में भी यह सुविधा मुहैया हो पायी है।
बीएसएनएल की लापरवाही के चलते अधिकांश पंचायत भवनों में सिर्फ केबल लगाकर ही छोड़ दिया गया है। इससे पंचायत सहायकों को काम काज निपटाने में काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। जब तक पंचायत भवन वाई-फाई सुविधा से युक्त नही होते तब तक वैकल्पिक व्यवस्था के तहत ग्राम पंचायत में होने वाले सभी प्रकार के कार्यों की फीडिंग के लिए कंप्यूटर पर पंचायत गेट-वे को अपलोड कराने की व्यवस्था की गयी है।
पंचायत भवन में तैनात पंचायत सहायक ऑनलाइन स्तर पर संचालित काम कर सकेें, इसके लिए शासन स्तर से प्रत्येक मिनी सचिवालय को वाई-फाई सुविधा से लैस करने का निर्देश दिया गया था। ताकि ग्रामीणों को जरूरी प्रमाणपत्र समेत शासन द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं का समुचित लाभ आसानी से दिलवाया जा सके।
इसके लिए पंचायत भवन में कंप्यूटर आदि की व्यवस्था करने के साथ ही प्रत्येक भवन में एक एक पंचायत सहायक की भी तैनाती भी हो चुकी है। इसके बावजूद काम काज में लापरवाही के चलते अब तक भीटी व कटेहरी विकास खंड के मात्र सौ पंचायत भवनों में ही वाई-फाई की सुविधा उपलब्ध हो सकी है।
शासन के तमाम दिशा-निर्देश के बाद भी पंचायत भवनों को वाई-फाई से लैस करने को लेकर बीएसएनएल के जिम्मेदार पूरी तरह उदासीन बने हैं। डीपीआरओ अवनीश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि सभी पंचायत भवन शीघ्र ही वाई-फाई से लैस हो सकें, इसके लिए बीएसएनएल के अधिकारियों को लगातार पत्र भी भेजा जा रहा है।
इसके साथ ही सभी पंचायत सहायकों को यह भी निर्देशित किया गया है कि वैकल्पिक व्यवस्था के तहत पंचायत गेट-वे कंप्यूटर पर अपलोड कर, मिनी सचिवालय से जुड़े जरूरी काम निपटाएं। उन्होंने बताया कि इसके लिए किसी भी प्रकार की शुल्क राशि का भुगतान नहीं देना होगा।