अंबेडकरनगर। आयुष्मान भारत के तहत इलाज व्यवस्था को और पारदर्शी बनाने की दिशा में स्वास्थ्य विभाग के नए निर्णय का पालन जिले में कराने के लिए विभाग ने सख्ती बरती है। अब चयनित निजी अस्पतालों में आयुष्मान योजना के तहत मरीजों को भर्ती करने या सर्जरी करने पर संबंधित चिकित्सक को मरीज के साथ सेल्फी लेनी पड़ेगी। इसके बाद जीपीएस पर लाइव लोकेशन पोर्टल पर इसे अपलोड करना होगा। सीएमओ ने कहा है कि इसका पालन न करने पर कार्रवाई की जाएगी।
जिले में आयुष्मान भारत के 10 लाख 61 हजार 150 लाभार्थी हैं। इसमें से 9,76,838 पात्रों का गोल्डन कार्ड बनाया जा चुका है। इन मरीजों के इलाज के लिए मौजूदा समय में 12 सरकारी व 8 निजी अस्पताल पंजीकृत हैं। इन अस्पतालों में मरीजों का पांच लाख रुपये तक मुफ्त में इलाज किया जाता है। लेकिन अस्पतालों में इलाज को लेकर कई बार मरीजों की शिकायत भी सामने आती रहती है। इसे देखते हुए अब स्वास्थ्य विभाग ने इलाज व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए निगरानी का घेरा और सख्त कर दिया है।
आयुष्मान भारत के जिला कार्यक्रम प्रबंधक डाॅ. मुकुल त्रिपाठी ने बताया कि आयुष्मान भारत से आच्छादित निजी अस्पतालों में योजना के तहत यदि किसी मरीज का इलाज या फिर उसका ऑपरेशन किया जाता है तो संबंधित चिकित्सक को मरीज के साथ सेल्फी लेनी होगी। सेल्फी में चिकित्सक व मरीज का चेहरा स्पष्ट होना चाहिए। यदि इसमें किसी भी प्रकार की खामी होगी तो क्लेम निरस्त हो जाएगा। आयुष्मान भारत योजना के नोडल अधिकारी डाॅ. आशुतोष सिंह ने कहा कि सभी चयनित निजी चिकित्सालयों को निर्देशों का अनुपालन करने को कहा गया है।
इन अस्पतालों का हुआ है चयन
प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत जिले के आठ निजी चिकित्सालयों का चयन किया गया है। इसमें रामा मल्टी स्पेशियालिटी हॉस्पिटल, दयाराम वर्मा मल्टी स्पेशियालिटी हॉस्पिटल, कनक मेटरनिटी हॉस्पिटल एवं ट्राॅमा सेंटर, साकेत मेडिकल सेंटर, एस हॉस्पिटल, नवज्योति नेत्रालय, आशुतोष हॉस्पिटल बसखारी व मेयो हॉस्पिटल जलालपुर शामिल हैं।
दिए गए आवश्यक निर्देश
योजना के तहत चयनित निजी अस्पतालों को गाइडलाइन से अवगत करा दिया गया है। उन्हें ऑपरेशन के दौरान ओटी में मरीजों के साथ सेल्फी लेकर फोटो अपलोड करने को कहा गया है। ऐसा न करने वालों का क्लेम नहीं पास होगा। - डॉ. राजकुमार, सीएमओ