अंबेडकरगनर। माध्यमिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में एक भारत श्रेष्ठ भारत के तहत अरुणांचल प्रदेश व मेघालय की आर्थिक, ऐतिहासिक और भौगोलिक परिदृश्य से छात्र-छात्राओं को रूबरू कराया जाएगा। इसके अलावा व्यावहारिक ज्ञान अर्जन में शैक्षणिक भ्रमण का आयोजन किया जाएगा। इसमें जिले की ऐतिहासिक, भौगोलिक, सांस्कृतिक और व्यावसायिक स्थलों पर भ्रमण पर ले जाया जाएगा।
नए शैक्षिक सत्र 2025-26 की शुरुआत एक अप्रैल से हो चुकी है। इसके लिए शैक्षिक कैलेंडर जारी हो गया है। इसके साथ ही सभी स्कूलों में शिक्षण कार्य शुरू हो गया है। छात्रों की उपस्थिति भी धीरे-धीरे बढ़ रही है। माध्यमिक स्कूलों अब शिक्षकों को हर माह निर्धारित पाठ्यक्रम पूरा करने का लक्ष्य दिया गया है। शिक्षकों को हर माह डायरी में प्रशिक्षण योजना दर्ज करनी होगी। प्रधानाचार्यों को समय-समय पर इन डायरियों की जांच करनी होगी।
साथ ही, मिशन शक्ति अभियान के तहत प्रत्येक स्कूल में शक्ति मंच का गठन किया जाएगा। इस मंच की नियमित बैठकें होंगी, जिनमें महिला व बाल अधिकार, बालिकाओं की शिक्षा का महत्व और आत्मरक्षा जैसे विषयों पर चर्चा होगी। इसके अलावा छात्र-छात्राओं को हर महीने टेस्ट से गुजरना होगा, ताकि शैक्षिक योग्यता को परखा जा सके। जनवरी 2026 के पहले सप्ताह तक सभी पाठ्यक्रम पूरे करने होंगे। इसके बाद जनवरी के दूसरे सप्ताह में प्री-बोर्ड की प्रयोगात्मक परीक्षाएं शुरू होंगी, जबकि तीसरे सप्ताह में कक्षा 9 और 11 की वार्षिक परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। (संवाद)
इनसेट-
शिकायत पेटिका और कान्वेंट स्कूलों की तरह होगी फीडबैक डायरी
छात्र-छात्राओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कान्वेंट स्कूलों की तरह अपनी शिकायत लिखकर डालने की व्यवस्था होगी। इसके अलावा विद्यार्थियों की प्रगति व प्रयासों के लिए फीडबैक डायरी भी उपलब्ध कराई जाएगी।
वर्जन-
शिक्षण कार्य को प्राथमिकता से पूरा किया जाए
नए सत्र में कैलेंडर के अनुसार शिक्षण कार्य को प्राथमिकता के साथ समय से पूरा किया जाएगा। इसके लिए सभी स्कूलों को दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं। इसके साथ ही अन्य गतिविधियों का आयोजन भी सुनिश्चित किया जाएगा।
-गिरीश कुमार सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक