तहसील क्षेत्र भीटी अंतर्गत गोपालपुर गांव के पांच वर्षीय मासूम की डेंगू से गुरुवार को इलाज के दौरान लखनऊ में मौत हो गई। इससे परिवारीजनों में रोना-पीटना मच गया। दो दिन पहले ही बीमारी के लक्षण मिलने पर उसे सीएचसी कटेहरी से लखनऊ रेफर किया गया था। उधर, जिले में लगातार बढ़ रहे संक्रामक रोगों पर अंकुश पाने को लेकर स्वास्थ्य महकमा सक्रिय नहीं हो पा रहा है।
जिले के विभिन्न क्षेत्रों में डेंगू का प्रकोप दिन-प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है। भीटी तहसील क्षेत्र में डेंगू की चपेट में आने से अब तक चार लोगों की मौत हो चुकी है। गुरुवार को भी डेंगू की चपेट में आए एक मासूम की लखनऊ स्थित लोहिया अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। तहसील क्षेत्र के गोपालपुर निवासी मनोज के पांच वर्षीय पुत्र सत्यम को चार दिन पहले तेज बुखार हो गया।
पहले तो स्थानीय स्तर पर इलाज कराया गया लेकिन तबियत में सुधार नहीं हुआ। इस पर दो दिन पहले उसे सीएचसी कटेहरी ले जाया गया। वहां से कराई गई जांच में डेंगू के लक्षण पाए गए। इस पर उसे तत्काल लखनऊ रेफर कर दिया गया। परिवारीजनों ने उसे लोहिया अस्पताल लखनऊ में भर्ती कराया जहां गुरुवार भोर में उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना से परिवारीजनों में रोना-पीटना मचा है।
इस बीच तहसील क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे डेंगू के प्रकोप को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग के लापरवाहीपूर्ण रवैये से क्षेत्र के लोगों में नाराजगी व्याप्त है। उनका कहना है कि भीटी तहसील क्षेत्र संक्रामक रोग से सबसे ज्यादा प्रभावित है।
इसके बाद भी इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा सका है। न तो आवश्यक दवाओं का वितरण किया जा सका है और न ही डेंगू से बचाव के लिए किसी प्रकार का जागरूकता अभियान ही चल सका है। उधर, सीएमओ डॉ. मोहिबुल्लाह ने मासूम की डेंगू से मौत होने की जानकारी से इंकार किया है।
कहा कि वे इसे दिखवाएंगे। सीएचसी प्रभारी कटेहरी डॉ. अजय गुप्ता ने बताया कि मासूम की मौत की जानकारी नहीं है। बीते दिनों उसे सीएचसी लाया गया था। जांच में डेंगू के लक्षण पाए गए थे। इसलिए उसे लखनऊ रेफर कर दिया गया था।