अंबेडकरनगर। महाकुंभ इस समय श्रद्धालुओं के लिए आस्था केंद्र बना हुआ है। किसी भी आयोजन स्थल में व्यवस्थाएं होने के साथ कुछ अव्यवस्थाएं जरूर होती हैं, लेकिन जब मन में गहरी आस्था हो तो इनके आगे चुनौतियां कमजोर पड़ने लगती है। ऐसा ही दृढ़ संकल्प बुधवार को रेलवे स्टेशन पर देखने को मिला। हजारों श्रद्धालु प्रतिदिन संगम के लिए यहां से आवागमन कर रहे हैं। कई अयोध्या से दर्शन करके आ रहे थे, तो कोई प्रयागराज स्नान करने के लिए जा रहे थे। प्रयागराज और अयोध्या से जा रहे श्रद्धालुओं से बातचीत की गई तो उन्होंने समस्याओं के साथ अपने अनुभव भी साझा किए।
वाहन छोड़कर ट्रेन से गए अयोध्या, दर्शन पाकर हुए भाव विभोर
फोटो-27
चेन्नई के श्रद्धालु रमेश भंसाली का कहना है कि जाम की वजह से अपने निजी साधन को अकबरपुर में छोड़कर ट्रेन से अयोध्या गए थे। राम की मूर्ति भावुक कर देने वाली है।
संतोष भंसाली ने बताया कि अयोध्या दर्शन के बाद संगम जा रहे हैं। महाकुंभ नदियों का ही नहीं संस्कृतियों का संगम है। प्रभा जैन ने बताया कि राम मंदिर के बारे में बहुत सुना था। दर्शन पाकर पता चला कि जो चर्चा थी, वह सच है। सुरक्षाकर्मियों ने अपनी डयूटी निभाकर सुरक्षा संभाली और दर्शन कराए।
फोटो-28
संगम के लिए महादेव ने बुलाया
शाहगंज के रहने वाले मिट्ठूदास ने बताया कि जब महादेव ने स्नान करने के लिए बुलाया, तभी जा पाए। वहां की व्यवस्थाएं चाक चौबंद हैं।-
-
फोटो- 29
त्रिवेणी स्नान से हो रहे आनंदित
आजमगढ़ निवासी जितेंद्र दास ने बताया कि अमृत स्नान में डुबकी लगाने का मौका कई सालों बाद आया है। त्रिवेणी स्नान से आनंदित हो रहे हैं।
फोटो-30
प्रयाग में भी छलकी थीं अमृत कलश की बूंदे
आजमगढ़ के रामभजन का कहना है कि प्रयाग में स्नान से आत्मा को शांति मिलती है। क्याेंकि चार प्रमुख तीर्थ स्थलों में प्रयाग है। सुर व असुरों के बीच छीना झपटी में वहां भी अमृत की कुछ बूंदे छलक पड़ी थी।