अंबेडकरनगर। स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांवों को गंदगी मुक्त रखने के लिए जिले में 1539 गांवों को लगभग 60 करोड़ रुपये की लागत से मॉडल गांव घोषित किया गया है। योजना के तहत अब तक एक हजार गांव तो मॉडल गांव की श्रेणी में आ गए हैं, लेकिन अभी 539 गांवों की स्थिति बदहाल है।
विगत दो वर्ष से चल रही योजना में लक्ष्य पूरा होने की तारीख भी नजदीक आ गई है। अब 28 दिन ही शेष बचे हैं। क्योंकि अंतिम तिथि 31 दिसंबर है। अब तक शेष बचे गांवों में काम की रफ्तार भी धीमी ही है। ऐसे में जिन गांवों का काम बाकी है, वह समय रहते मॉडल गांव कैसे बन पाएंगे यह बड़ा सवाल बन गया है।
गांव के लोगों को बेहतर सुविधा मिले इसके लिए सरकार करोड़ों का बजट खर्च कर योजनाओं को संचालित कर रही है। जिम्मेदारों की अनदेखी से समय से योजनाओं का क्रियान्वयन नहीं हो पा रहा है। मॉडल गांव योजना के तहत ग्रामीणों को कूड़ा निस्तारण के लिए आरआरसी सेंटर, जलजमाव व गंदगी को रोकने के लिए सोखता गड्ढे आदि के निर्माण पर जोर है। इससे गांव के विकास पर असर पड़ेगा।
समय पर हो जाएगा काम
चुनाव के कारण काम की रफ्तार धीमी रही। अब तेजी से काम चल रहा है। जिन चयनित गांवों में काम चल रहा है उसकी समीक्षा भी हो रही है। समय से सभी चयनित गांवों को मॉडल गांव बना दिया जाएगा। - एके श्रीवास्तव, पंचायतराज अधिकारी