नगर पंचायत अशरफपुर किछौछा में चेयरमैन ओमकार गुप्ता व ईओ संजय जैसवार के बीच हुई कहासुनी।
बसखारी (अंबेडकरनगर)। नगर पंचायत अशरफपुर किछौछा में चेयरमैन और ईओ के बीच रॉर तेज हो गई है। शुक्रवार को नगर पंचायत अध्यक्ष ओमकार गुप्ता कई सभासदों के साथ कार्यालय पर धरने पर बैठ गए। करीब एक घंटे तक धरना जारी रहा। पुलिस ने पहुंचकर ईओ संजय जैसवार को कार्यालय से बाहर निकला। इस दौरान चेयरमैन ने ईओ पर कई गंभीर आरोप लगाए। उधर, इस पूरे प्रकरण को आउटसोर्सिंग फर्म को ब्लैकलिस्ट में डाले जाने से जोड़कर देखा जा रहा है।
ईओ संजय बैसवार व चेयरमैन ओमकार गुप्ता के मध्य पिछले काफी समय से गुपचुप नोकझोंक चल रही है। सभासद विनोद कुमार ने आउटसोर्सिंग फर्म के खिलाफ 21 बिंदुओं पर डीएम अविनाश सिंह को शिकायती पत्र दिया था। इसमें संस्था को नगर पंचायत में संबद्ध करने के दौरान टेंडर प्रक्रिया के तहत 136 कंपनियों में से अधिकांश ने चार-पांच प्रतिशत सर्विस चार्ज पर टेंडर दिया था। 21 बिंदुओं पर जांच चल रही थी। मामला सही पाए जाने पर डीएम ने संस्था को ब्लैकलिस्ट कर दिया। इस खबर को अमर उजाला ने प्रमुखता से शुक्रवार के अंक में प्रकाशित की है। इसी को लेकर अध्यक्ष अपने सभासदों के साथ ईओ कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। वहां पहुंची पुलिस ने ईओ को कार्यालय से बाहर निकाला।
उधर, अध्यक्ष ओमकार गुप्ता ने आरोप लगाया कि लगातार पिछले 15 दिनों से ईओ कार्यालय से गायब हैं। इसके कारण आम जनता परेशान है। सभासद बार-बार उनसे मिलने के लिए फोन कर रहे हैं, लेकिन मिल नहीं पा रहे हैं। कूड़ा गिराने का स्थान नहीं मिल पाने के कारण कूड़े का निस्तारण नहीं हो पा रहा है। शुक्रवार को उनके कार्यालय आने की सूचना मिलने पर सभी सभासदों ने उनसे बात करने के लिए उन्हें कक्ष में बुलाया, लेकिन उन्होंने आने से मना कर दिया। इसके पश्चात सभासदों के साथ कक्ष के बाहर धरने पर बैठ गए। उन्होंने बताया कि ठेकेदार की कंपनी को काली सूची में डालने की कोई जानकारी नहीं है। ईओ ने बताया कि आउटसोर्सिंग फर्म को अनियमितता मिलने पर डीएम के आदेश पर ब्लैकलिस्ट किया गया है।