जलालपुर तहसील क्षेत्र के परीक्षा केन्द्र जयराज इंटर काॅलेज बिहड़ा को जिलाधिकारी के निर्देश पर डिबार घोषित कर दिया गया। शुक्रवार को सचल दस्ते ने परीक्षा केन्द्र पर नकल विहीन परीक्षा करने में उदासीन रवैया अपनाए जाने का मामला उजागर किया। बताया जाता है कि कक्ष निरीक्षक अपने कक्ष में तैनात नहीं मिले।
केन्द्र व्यवस्थापक भी इस मनमानी से पूरी तरह बेपरवाह बने रहे। इस पर कक्ष निरीक्षकों को भी तत्काल हटाते हुए केन्द्र व्यवस्थापक व परीक्षा केन्द्र को परीक्षा से डिबार घोषित कर दिया गया। बताते चलें कि शुक्रवार को सुबह की पाली में इंटरमीडियट इतिहास प्रश्न पत्र की परीक्षा थी।
वित्त एवं लेखा अधिकारी एक सचल दस्ते के प्रभारी बनाए गए हैं। मार्च क्लोजिंग के चलते वह शुक्रवार को क्षेत्र में नहीं जा सके। इस पर सचल दस्ते का प्रभारी राजकीय इंटर काॅलेज के प्रधानाचार्य सुरेशलाल श्रीवास्तव को बना दिया गया।
सचल दस्ता प्रभारी टीम के साथ जलालपुर तहसील क्षेत्र के परीक्षा केन्द्र जयराज इंटर काॅलेज बिहड़ा पहुंचे। यहां एक कक्ष में पाया कि कक्ष निरीक्षक गायत्री व घनश्याम अपने कक्ष से गायब हैं। छात्र-छात्राओं के बीच नकल का माहौल पाया गया। टीम के पहुंचते ही समूचे विद्यालय में आपाधापी का माहौल हो गया।
उन्होंने तत्काल जिला विद्यालय निरीक्षक को इसकी जानकारी दी। डीआईओएस ने समूचे मामले से जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव को अवगत कराया। डीएम के निर्देश पर डीआईओएस ने केन्द्र व्यवस्थापक हनुमान प्रसाद पाण्डेय को पूरी परीक्षा के लिए हटाए जाने के साथ ही परीक्षा केन्द्र को डिबार घोषित कर दिया।
साथ ही कक्ष निरीक्षक गायत्री व घनश्याम को परीक्षा ड्यूटी से मुक्त कर दिया गया। उधर, यूपी बोर्ड की प्रथम पाली में शुक्रवार को इंटरमीडिएट की परीक्षा से 421 परीक्षार्थियों ने किनारा किया।
शुक्रवार को वैसे तो किसी प्रमुख विषय की परीक्षा नहीं थी, इसके बावजूद नकल विहीन परीक्षा कराने को लेकर प्रशासन पूरी तरह सक्रिय दिखा। न सिर्फ सचल दल, बल्कि जिला स्तरीय अधिकारियों ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर पहुंचकर जायजा लिया। साथ ही केंद्र व्यवस्थापकों को आवश्यक निर्देश दिए।
3270 परीक्षार्थियों को शामिल होना था, लेकिन 2849 परीक्षार्थी ही परीक्षा में शामिल हुए। 421 परीक्षार्थियों ने परीक्षा से किनारा किया। इंटरमीडिएट इतिहास द्वितीय विषय की परीक्षा में पंजीकृत 2757 के सापेक्ष 2374 ने परीक्षा दी। 383 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे।
कृषि विषय की परीक्षा में 461 परीक्षार्थियों को भाग लेना था, लेकिन 427 परीक्षार्थियों ने ही परीक्षा दी। 34 परीक्षार्थियों ने परीक्षा से किनारा किया। इसी प्रकार शस्त्र विज्ञान विषय की परीक्षा में 52 परीक्षार्थियों के सापेक्ष 48 परीक्षार्थियों ने भाग लिया। चार परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे।