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Ambedkar Nagar News: 13 रजब पर जश्ने मौलूदे काबा, निकला जुलूसे हैदरी

Sun, 04 Jan 2026 12:07 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
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कटघर कमाल गांव में जश्ने मौलूदे काबा में मौजूद अकीदतमंद।
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अंबेडकरनगर। 13 रजब के मुबारक मौके पर पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के उत्तराधिकारी मौला अली अलैहिस्सलाम की विलादत की खुशी में शनिवार को बसखारी क्षेत्र के कटघर कमाल गांव में जश्ने मौलूदे काबा का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर आयोजित महफिल-ए-शायरी और उसके बाद निकाले गए जुलूसे हैदरी में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने शिरकत की।
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महफिल-ए-शायरी में शायरों ने मौला अली की शान में मनकबत, कसीदे और कते पेश किए, जिससे माहौल पूरी तरह रूहानी हो गया। देर रात तक चली महफिल में सागर बनारसी, फैयाज बरेलवी, मेहंदी जलालपुरी, काजिम जार्चवी, फाजिल जरेलवी, खुर्शीद मुजफ्फरनगरी सहित अन्य शायरों ने मौला अली की बारगाह में खिराजे अकीदत पेश कर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। फिजा हैदर-हैदर की सदाओं से गूंजती रही। कार्यक्रम का संचालन अनीस जायसी ने किया।
इस मौके पर मौलाना सुल्तान हुसैन ने मौला अली के जीवन पर प्रकाश डालते हुए उनके इंसाफ, सब्र और इंसानियत पर आधारित आदर्शों को अपनाने का संदेश दिया।
महफिल के समापन के बाद शान से जुलूसे हैदरी निकाला गया, जिसमें मौलाना सैयद तनवीर अब्बास, मौलाना सैयद कम्बर अब्बास, मौलाना सैयद नूरुल हसन, मोलवी तालिब अब्बास, अबुल हसन, नजमुल हसन, मास्टर हुसैन अली, नफीस अब्बास, शमीम हैदर, मोहम्मद एबाद सहित सैकड़ों अकीदतमंद शामिल हुए।
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हजरत अली के जन्मदिवस पर अकीदत, जोश और भाईचारे का दिया संदेश
जलालपुर (अंबेडकरनगर)। हजरत अली अलैहिस्सलाम के जन्मदिवस 13 रजब के अवसर पर शनिवार को नगर और आसपास के क्षेत्रों में जश्न-ए-विलादत उत्साह के साथ मनाया गया। मौलूद-ए-हरम कमेटी के तत्वावधान में मोहल्ला जाफराबाद स्थित रौजा हजरत अब्बास परिसर से दोपहर बाद जुलूस-ए-हैदरी निकाला गया। हैदरी नारों की गूंज और तिरंगा लहराते हुए बुजुर्गों, युवाओं और बच्चों ने बड़ी संख्या में जुलूस में भाग लिया। इब्ने अली जाफरी के संयोजन में निकला यह जुलूस विभिन्न मोहल्लों से होता हुआ सराय चौक पहुंचा, जहां से डॉ. सुरेश के आवास और थाना परिसर के सामने से गुजरते हुए यादव चौराहे पर सभा में परिवर्तित हो गया। इसके बाद जुलूस रौजा हजरत कासिम पहुंचा, जहां जलसे का आयोजन किया गया। जलसे में सामिन हाजी, मोहम्मद बाकर, अमीन जलालपुरी, अली असगर, साजिद जलालपुरी, कल्बे हसन और अंसर जलालपुरी सहित कई शायरों ने कलाम पेश किए।
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