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Ambedkar Nagar News: सीबी नॉट जांच ठप, भटक रहे टीबी रोगी

Sat, 24 Jan 2026 12:21 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
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अंबेडकरनगर। टीबी जांच की रीढ़ माने जाने वाली कॉर्टेज बेस्ड न्यूक्लिक एसिड एम्प्लीफिकेशन टेस्ट (सीबी नॉट) जिले में 13 जनवरी से नहीं हो रही है। मशीन की कॉर्टेज न मिलने से जांच पूरी तरह से ठप है। ऐसे में जांच कराने आए मरीजों को लौटाया जा रहा है। वहीं, मरीजों में इससे अन्य संक्रमण फैलने का खतरा भी बढ़ गया है।
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टीबी मुक्त अभियान पर भले ही हर साल करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हों लेकिन हकीकत कुछ और ही है। स्थिति यह है कि टीबी की पुष्टि के लिए मरीजों को सीबी नॉट जांच के लिए लिखा जाता है। यह जांच जिला मुख्यालय व जलालपुर सीएचसी में होती है। रोजाना 50 से अधिक मरीजों की जांच होती है। जांच के लिए मशीन के लिए कॉर्टेज की आवश्यकता पड़ती है। इस पर नमूना और रिजेंट रखकर मशीन में रखा जाता है।


विगत 13 जनवरी से मशीन की कॉर्टेज खत्म हो चुकी है। ऐसे में जिले भर से दूरदराज इलाके से आने वाले रोगियों को बिना जांच के ही लौटा दिया जा रहा है। जांच न होने की वजह से रोगियों का उपचार भी नहीं हो रहा है और उनमें दूसरी बीमारियों के संक्रमण का खतरा भी बढ़ रहा है।
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एक जांच पर खर्च होते हैं 2300 रुपये
सीबी नाॅट जांच मशीन से रोगियों में बीमारी का स्तर पता चल जाता है। इससे यह भी जानकारी मिल जाती है कि मरीज को कि स्तर पर दवा की आवश्यकता है। वहीं एक रोगी पर 2300 सरकार खर्च करती है।


हर सप्ताह 400-500 कॉर्टेज की जरूरत
टीबी रोग की जांच के लिए हर रोज 50 से अधिक मरीज आ रहे हैं। ऐसे में हर सप्ताह करीब चार से पांच सौ कॉर्टेज की जरूरत पड़ती है। बताया जा रहा है कि कॉर्टेज की आपूर्ति निदेशालय से ही की जाती है लेकिन अब निदेशालय से कॉर्टेज भेजी नहीं जा रही है। हालांकि, टू नॉट जांच कराई जा रही है। टू नॉट जांच राजकीय मेडिकल कॉलेज, सीएचसी टांडा, रामनगर व जहांगीरगंज के अलावा पीएचसी रामनगर में हो रही है।


वर्जन
प्रदेश स्तर से कार्टेज की सप्लाई होती है। एक पत्र आया था, जिसमें पंद्रहवें वित्त से इसकी खरीद करने के लिए कहा गया था। इसके शेष बजट न होने के कारण स्थानीय स्तर पर खरीद नहीं हो पा रही है। कार्टेज मंगाने के लिए शासन से पत्राचार किया गया है। इसी सप्ताह इसके आने की संभावना है।
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डॉ. संजय कुमार शैवाल, सीएमओ
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