भीटी। क्षेत्र के जमोलीगंज बाजार में 21 जनवरी को दिनदहाड़े शराब की दुकान में घुसकर सेल्समैन विमल जायसवाल को गोली मारने वाले बदमाश पेशेवर अपराधी नहीं हैं। इनका पुलिस के त्रिनेत्र एप पर कोई आपराधिक इतिहास नहीं मिला है। यही नहीं घटनास्थल पर मिले फिंगर प्रिंट भी किसी अपराधी से मिलान नहीं कर रहे हैं।
ऐसे में पुलिस इनको पेशेवर अपराधी नहीं मान रही है। हालांकि पुलिस अब तक 15 से अधिक लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर चुकी है। अयोध्या के गोसाईगंज व मसौधा में कई स्थानों पर पुलिस ने दबिश भी दी है। 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरे खंगाले जा चुके हैं, लेकिन पुलिस गोली मारने वाले बदमाशों का कोई सुराग नहीं लगा सकी है। वारदात के खुलासे के लिए एसपी की ओर से गठित स्वॉट, सर्विलांस टीम भी कोई ऐसा पुख्ता सुराग नहीं जुटा पाई है, जिसके आधार पर पुलिस उन दो बदमाशों के गिरेबान तक पहुंच सके। पुलिस क्षेत्र के माफिया की संलिप्तता की भी टोह लगा रही है।
एसपी अभिजीत आर शंकर ने बताया कि वारदात स्थल से लेकर आसपास के जिलों में पुलिस बदमाशों की तलाश कर रही है। हर एंगल पर जांच की जा रही है। जल्द ही बदमाशों को पकड़ लिया जाएगा।
सेल्समैन के पेट से चिकित्सकों ने निकाली गोली
अयोध्या जिले के बैंतीकला निवासी विमल जायसवाल को बदमाशों ने गोली मार दी थी। जिनका उपचार राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर में चल रहा है। चिकित्सकों ने शुक्रवार को उनके पेट का ऑपरेशन कर गोली बाहर निकाल दी है। अब वह पूरी तरह से खतरे से बाहर हैं।
यह है पूरा मामला
अयोध्या जिले के मसौधा डांभासेमर निवासी ज्योति जायसवाल की भीटी के जमोलीगंज बाजार में देसी शराब की दुकान है। यहां हैदरगंज क्षेत्र के बैंतीकला निवासी उनका भाई विमल जायसवाल सेल्समैन है। 21 जनवरी को दोपहर तीन बजे के आसपास शराब की दुकान पर बाइक से दो युवक पहुंचे थे। सीधे अंदर जाकर सेल्समैन को गोली मार दी थी। इसके बाद बदमाश गल्ले से नकदी लूटकर भागने लगे तो ग्रामीणों ने घेराबंदी कर ली थी। घटनास्थल से करीब 300 मीटर दूर बाइक फिसलने पर बाइक वहीं छोड़कर खेतों के रास्ते भाग निकले थे। दुकान मालिक की तहरीर पर पुलिस ने बदमाशों पर जानलेवा हमले की धाराओं में एफआईआर दर्ज की थी।