अंबेडकरनगर। दुष्कर्म के झूठे मुकदमे में फंसाकर युवक से पांच लाख रुपए की वसूली का प्रयास करने के मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट सौम्या द्विवेदी ने युवती व उसके भाई समेत पिता के विरुद्घ केस दर्ज करने का निर्देश दिया है। एसओ जहांगीरगंज को दिए निर्देश में न्यायिक अधिकारी ने कहा कि समुचित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर नियमानुसार विवेचना शुरू की जाए।
जहांगीरगंज थाना क्षेत्र अंर्तगत हुसैनपुर खुर्द निवासी युवक दीपक चौधरी ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर कहा कि एक युवती उसे वसूली के लिए लगातार परेशान कर रही है। पांच लाख रुपए की मांग न पूरी करने पर दो वर्ष पहले दिल्ली के शंकरपुर थाने में दुष्कर्म का केस दर्ज करा दिया। इसमें मुकदमा वापस लेने का शपथ पत्र दिया, लेकिन पैसे की डिमांड को लेकर दूसरी बार आनंद बिहार थाने में दुष्कर्म समेत कई धाराओं में केस पंजीकृत करा दिया। जमानत कराने के बाद जब दीपक अपने गांव अंबेडकरनगर आया तो उसके अनुसार उसी वर्ष जहांगीरगंज थाने में सामूहिक दुष्कर्म का केस दर्ज करा दिया।
विवेचना झूठी पाए जाने पर फाइनल रिपोर्ट लगा दी गई। एक वर्ष पहले जहांगीरगंज थाने में फिर से गंभीर धाराओं में केस दर्ज कराया। बार बार केस दर्ज कराने को लेकर जब वह कुछ लोगों के साथ युवती के घर गया तो वहां युवती समेत उसके पिता व भाई ने मारपीट व गाली गलौज करते हुए दुष्कर्म के फर्जी केस में फंसा देने की धमकी दी। कोर्ट को बताया कि जहांगीरगंज थाने में तहरीर देने के बाद भी केस दर्ज नहीं हुआ। अधिवक्ता डॉ. प्रमोद मिश्र ने बताया कि न्यायिक मजिस्ट्रेट सौम्या द्विवेदी ने मामले को अत्यंत गंभीर मानते हुए थानाध्यक्ष जहांगीरगंज को आदेशित किया कि प्रकरण में केस दर्ज कर लिया जाए। अधिवक्ता के अनुसार न्यायिक मजिस्ट्रेट ने केस दर्ज कर नियमानुसार विवेचना सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।