महरुआ (अंबेडकरनगर)। ढाबा संचालक से मारपीट व रकम छीनने के आरोप में कोर्ट ने महरुआ थाने के तत्कालीन प्रभारी ज्ञानेंद्र सिंह व एक दरोगा के अलावा 8 सिपाहियों के विरुद्घ केस दर्ज करने का निर्देश दिया है।
प्रकरण वर्ष 2017 का है। महरुआ बाजार में ढाबा संचालक इंद्रसेन उर्फ पन्नालाल के अनुसार तत्कालीन महरुआ थाना प्रभारी ज्ञानेंद्र सिंह, एक दरोगा हरदेव सिंह तथा सिपाहियों अनिल सिंह, उदयप्रताप सिंह, विवेक, सुधीर सिंह, विवेक, महिला सिपाही रेखा सरोज व राधिका समेत दो अन्य सिपाहियों के साथ ढाबे पर पहुंचे। वहां उससे रंगदारी मांगी गई। रुपये न देने पर मारपीट करते हुए फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दी गई।
शिकायत में कहा गया कि पुलिसकर्मियों ने रकम भी छीन ली और इसके बाद कई तरह का अंजाम भुगतने की चेतावनी देते हुए चले गए। इसकी शिकायत उस समय पुलिस अधिकारियों से की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस पर पीड़ित ढाबा संचालक ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। इस मामले में अब मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने महरुआ थाने के तत्कालीन प्रभारी समेत एक दरोगा व 8 पुलिसकर्मियों पर लूट का केस दर्ज करने का निर्देश दिया है।
इस मामले ने उस समय तूल पकड़ा था, जब ढाबे पर शराब पीने व हंगामा होने की सूचना मिलने पर भीटी सीओ के नेतृत्व में एसओ महरुआ व पुलिस टीम ने छापा मारा था। इस पर ढाबा संचालक के परिजनों व कुछ अन्य लोगों पर आरोप था कि उन्होंने पुलिस टीम पर पथराव कर दिया। इसमें पुलिस की एक जीप क्षतिग्रस्त होने के साथ ही पुलिसकर्मियों को चोटें भी आ गई थीं। पुलिस टीम ने इस पर आरोपियों के विरुद्घ केस दर्ज कर कार्रवाई की थी। इसी मामले में पुलिसकर्मियों के विरुद्घ कार्रवाई के लिए ढाबा संचालक ने न्यायालय की शरण ली थी। कोर्ट के आदेश के बाद एसओ महरुआ विवेक वर्मा ने बताया कि आदेश मिला है। जरूरी प्रक्रिया अमल में लाई जा रही है।