आलापुर (अंबेडकरनगर)। पारिवारिक संपत्ति पर कब्जे की नीयत से फर्जी दस्तावेज तैयार कर न्यायालय में गलत जानकारी देने के आरोप में ग्राम प्रधान समेत छह लोगों पर आलापुर थाने में केस दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई न्यायालय के आदेश पर की गई।
मसेना मिर्जापुर निवासी अभय सिंह ने शिकायती पत्र में बताया कि उनके पूर्वज देवीबक्श सिंह ने एक वसीयतनामा के जरिये सारी संपत्ति उन्हें और उनके भाई को सौंप दी थी। देवीबक्श आजीवन अविवाहित रहे, जबकि उनके भाई कुंजबिहारी सिंह भी निसंतान थे। बाद में गंगादीन सिंह के पुत्र रामरूप सिंह ने खुद को कुंजबिहारी का बेटा बताकर परिवार रजिस्टर में गलत नाम दर्ज करा लिया। इस मामले में वर्ष 2004 में रामरूप के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी का केस दर्ज हुआ, जिसकी पुष्टि जांच में भी हुई थी। रामरूप की मृत्यु के बाद उसके नाम पर चल रहे वाद में उसके उत्तराधिकारी त्रिवेन्द्र, विश्वनाथ, अवधेश, उत्तम व गायत्री देवी शामिल हुए। इन लोगों ने ग्राम प्रधान निर्मला देवी के सहयोग से शपथपत्र पर गलत जानकारी देकर दावा किया कि रामरूप कुंजबिहारी का पुत्र है।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान ने भी इस साजिश में साथ देते हुए अपनी पद की ताकत का गलत इस्तेमाल किया। अभय सिंह ने बताया कि उसने पहले पुलिस और फिर एसपी को रजिस्टर्ड डाक से सूचना दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। बाद में न्यायालय की शरण लेकर उसने मुकदमा दर्ज कराया। आलापुर थाना प्रभारी राकेश कुमार ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।