अंबेडकरनगर। टांडा में शुक्रवार दोपहर को नेशनल हाईवे 233 टांडा, पर ट्रैक्टर-ट्रॉली से तेज रफ्तार कार टकरा गई। हादसे के बाद ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर पलट गई, जबकि कार के परखच्चे उड़ गए। उसमें सवार आजमगढ़ की महिला व गोंडा निवासी उनके दामाद गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से काफी मशक्कत के बाद कार में सवार लोगों को बाहर निकाला और राजकीय मेडिकल कॉलेज पहुंचाया। जहां बुजुर्ग महिला और उनके दामाद को डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। जबकि कार चला रहे मृतका के नाती बाल-बाल बच गए।
जनपद गोंडा के नवाबगंज क्षेत्र के ग्राम कोल्हनपुर विभने निवासी अमरेश बहादुर सिंह (62) के पुत्र मनीष कुमार सिंह अयोध्या के कोतवाली नगर क्षेत्र के सरस्वती पूरब कॉलोनी वजीरगंज में रहते हैं। मनीष की बीते एक जून को शादी थी। शादी में शामिल होने के लिए उनकी नानी आजमगढ़ के कप्तानगंज क्षेत्र के पचकोड़ा हरिरामपुर निवासी प्रमिला (78) भी आई थीं। शुक्रवार को मनीष अपनी कार चलाकर नानी को उनके घर छोड़ने के लिए जा रहे थे। साथ में पिता अमरेश बहादुर भी थे।
कार टांडा क्षेत्र के नेशनल हाईवे 233 पर हसनपुर-सुंथर मोड़ के पास पहुंची ही थी, सामने चल रहे एक ट्रैक्टर-ट्रॉली चालक ने अचानक वाहन मोड़ दिया। मनीष कार पर नियंत्रण खो बैठे और ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकरा गए। दुर्घटना में कार का बायां हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया और ट्रैक्टर-ट्रॉली पलट गई।
सूचना मिलते ही कोतवाली से एसआई विवेक कुमार मिश्रा, आलोक शुक्ला, आरक्षी अमित मौर्य, अभय गुप्ता दुर्घटनास्थल पर पहुंचे। ग्रामीणों की मदद से कार सवार तीनों लोगों को बाहर निकाला और एंबुलेंस से राजकीय मेडिकल कॉलेज पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने अमरेश बहादुर व उनकी सास प्रमिला देवी को मृत घोषित कर दिया। हादसे में मनीष को मामूली चोटें आईं। हादसे की जानकारी मिलते ही जिला पंचायत अध्यक्ष श्याम सुंदर वर्मा मेडिकल कॉलेज पहुंचे परिजनों को दिलासा दिया।
इंस्पेक्टर दीपक रघुवंशी ने बताया कि ट्रैक्टर-ट्रॉली चालक लक्ष्मण निवासी हजलापुर को मौके पर ही पकड़ लिया गया और दोनों वाहनों को कोतवाली टांडा पहुंचाया गया। तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
बिहार में रहते थे अमरेश
मृतक अमरेश बहादुर सिंह बिहार के भागलपुर में स्वर यूनिवर्सिटी में कृषि के प्रोफेसर थे। वह सेवानिवृत्त होने के बाद भागलपुर में ही पत्नी गिरिजा सिंह के साथ रहने लगे थे। उनके दो पुत्र हैं। डॉ. आशीष रंजन पेशे से डॉक्टर और मनीष कुमार सिंह अयोध्या में रहते हैं व एचसीएल में इंजीनियर हैं। बहन नम्रता की शादी हो चुकी हैै। दो मौतों के सदमे से मनीष की तबीयत बिगड़ गई। परिजनों ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टर ने ईसीजी व सीटी स्कैन किया, लेकिन जांच में सबकुछ ठीक रहा। उन्हें दवाइयां देकर छुट्टी दे दी गई। हादसे के बाद से मनीष का रो-रोकर बुरा हाल है। उनके बहनोई अंकुर विक्रम सिंह व परिवार के अन्य लोग दिलासा देने का प्रयास कर रहे हैं।
वहीं, मृतका प्रमिला सिंह के परिवार में सिर्फ दो पुत्रियां हैं। मनीष की शादी एक सप्ताह पूर्व ही गोरखपुर की दीपिका सिंह से हुई थी। शादी के बाद घर में हंसी-खुशी का माहौल था। अचानक पिता व नानी की हादसे में मौत से सारी खुशियां मातम में बदल गईं।