अंबेडकरनगर। कैंसर के रोगियों को अब जिले में ही इलाज की सुविधा मिल सकेगी। इसके लिए जिला अस्पताल में पांच बेड की कैंसर केयर यूनिट (डे केयर सेंटर) शुरू करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। विशेषज्ञ चिकित्सकों और आवश्यक स्टाफ की तैनाती के लिए प्रस्ताव तैयार कर मुख्य चिकित्सा अधिकारी के माध्यम से शासन को भेजा गया है।
पिछले एक वर्ष के दौरान जिले में कैंसर जैसे लक्षण वाले करीब 893 रोगी चिह्नित किए गए थे। वर्तमान में जिला अस्पताल और सीएचसी में कैंसर की समुचित जांच व उपचार की सुविधा नहीं है। इस वजह से मरीजों को लखनऊ और अन्य बड़े शहरों में जांच व इलाज के लिए रेफर करना पड़ता है। कई मरीज शुरुआती अवस्था में जांच नहीं करवा पाते हैं। बीमारी के गंभीर स्थिति में पहुंचने पर जान का संकट बन जाता है।
नई व्यवस्था के तहत जिला अस्पताल से लेकर सीएचसी की ओपीडी में यदि किसी मरीज में कैंसर जैसे लक्षण दिखाई देते हैं, तो उनके सैंपल की बायोप्सी जांच के लिए एम्स या लखनऊ भेजा जाएगा। जांच रिपोर्ट निर्धारित समय में डे केयर सेंटर को प्राप्त होगी।
रिपोर्ट में कैंसर की पुष्टि होने पर चिकित्सक तय करेंगे कि मरीज को कीमोथेरेपी दी जानी है या रेडियोथेरेपी के लिए उच्च स्तरीय अस्पताल भेजना है। जिन मरीजों का उपचार कीमोथेरेपी और दवाओं से संभव होगा, उनका इलाज जिला अस्पताल के डे केयर सेंटर में ही शुरू कर दिया जाएगा। इस पहल से सामान्य कैंसर के मरीजों को इलाज के लिए बड़े शहरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। उन्हें स्थानीय स्तर पर ही समयबद्ध उपचार मिल सकेगा।
मरीजों को ये होगा फायदा
डे केयर सेंटर में रोगियों और परिजनों को परामर्श और अन्य सहायता मिलेगी। यहां रोगियों को दवाओं से होने वाले साइड इफेक्ट के प्रभाव को कम करने का प्रयास भी किया जाएगा। मरीजों को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं होगी, जिससे खर्च कम होगा।
कैंसर केयर यूनिट से मरीजों को आसानी से प्राथमिक उपचार की सुविधा मिल सकेगी। इसके लिए उन्हें भटकना नहीं पड़ेगा। अस्पताल के एक वार्ड में पांच बेड आरक्षित किए जाएंगे। शासन से मंजूरी मिलने के बाद इलाज शुरू होगा।
-डॉ. पीएन यादव, सीएमएस