अंबेडकरनगर। लगभग सात माह के लंबे अंतराल के बाद सोमवार को एक बार फिर से जिला अस्पताल में दिव्यांग शिविर का आयोजन हुआ। चिकित्सकों की टीम ने आने वाले दिव्यांगों की जांच की। पात्र 20 दिव्यांगों को मौके पर प्रमाणपत्र दिया गया। साथ ही उन्हें दिव्यांगों के उत्थान के संबंध में शासन द्वारा संचालित योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी गई। आह्वान किया गया कि योजनाओं का बढ़ चढ़कर लाभ उठाएं। इस दौरान कोरोना प्रोटोकॉल का विशेष ध्यान रखा गया।
गौरतलब है कि कोरोना संकट के चलते बीते मार्च माह के अंतिम सप्ताह से जिला अस्पताल में आयोजित होने वाले दिव्यांग शिविर को स्थगित कर दिया गया था। इससे दिव्यांग प्रमाणपत्र बनवाने के लिए पात्र दिव्यांगों को विभिन्न प्रकार की मुश्किलें उठानी पड़ रही थी। लगभग सात माह के लंबे अंतराल के बाद सोमवार को एक बार फिर से जिला अस्पताल में दिव्यांग शिविर का आयोजन हुआ।
बताते चलें कि दिव्यांगों को शासन द्वारा संचालित योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ मिल इसके लिए प्रत्येक सोमवार को जिला अस्पताल में दिव्यांग शिविर का आयोजन किया जाता है। इसी क्रम में सोमवार को शिविर का आयोजन हुआ। हालांकि अधिक प्रचार प्रसार न होने से दूरदराज के क्षेत्रों के दिव्यांगों को जानकारी नहीं हो सकी। ऐसे में प्रमाणपत्र के लिए 22 दिव्यांग जिला अस्पताल पहुंचे। डॉ. संजय व डॉ. अतीक आलम की टीम ने जांच के बाद पात्र 20 दिव्यांगों को मौके पर ही प्रमाणपत्र उपलब्ध करा दिया। साथ ही उन्हें दिव्यांगों के उत्थान के लिए शासन द्वारा चलाई जा रहीं योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
आह्वान किया कि प्रमाणपत्र के आधार पर योजनाओं का बढ़-चढ़कर लाभ उठाएं। इसमें यदि उन्हें किसी भी प्रकार की समस्या हो तो इसकी जानकारी तत्काल जिम्मेदारों को दें। उनकी समस्याओं का निस्तारा प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। इस मौके पर रामसुभग, वीके चौधरी आदि मौजूद रहे। इस बीच पूरे आयोजन के दौरान कोरोना प्रोटोकॉल का ध्यान दिया गया। न सिर्फ सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखा गया बल्कि आने वाले दिव्यांगों को सैनिटाइज भी किया गया।