अंबेडकरनगर। अकबरपुर के लोहिया भवन में आयोजित शिक्षामित्र सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने तीन राज्यों में भाजपा-एनडीए की जीत पर जनता का आभार जताया। मीडिया से वार्ता में उन्होंने कहा कि बंगाल में शांतिपूर्ण मतदान से विपक्ष विचलित है।ईवीएम पर सवाल उठाने वालों को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष को प्रक्रिया पर भरोसा नहीं है, तो उनके जनप्रतिनिधियों को भी इस्तीफा देना चाहिए क्योंकि वे भी इसी माध्यम से जीतकर आए हैं।
महिला आरक्षण के मुद्दे पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव को घेरते हुए कहा कि पूर्व में विरोध करने वाले अब राजनीतिक लाभ के लिए इसकी मांग कर रहे हैं। उन्होंने तंज कसा कि विपक्षी दल केवल अपने परिवार और करीबियों को ही सदनों में देखना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि बैलगाड़ी का दौर बीत चुका है, आज डिजिटल युग में जनता जागरूक है और सपा-बसपा के धोखे को अच्छी तरह समझती है।
शिक्षामित्रों के मानदेय को दस हजार से बढ़ाकर 18 हजार रुपये करने का उल्लेख करते हुए उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार उनकी अन्य मांगों पर भी विचार करेगी। निषाद ने शिक्षामित्रों के संघर्ष की सराहना करते हुए कहा कि वे उन वंचित बच्चों का भविष्य संवार रहे हैं जिनका कोई सहारा नहीं है। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार पर नियंत्रण पाने के बाद अब सरकार का पूरा ध्यान शिक्षा और अर्थव्यवस्था में सुधार पर है।