अंबेडकरनगर। अकबरपुर डिपो से झांसी और चित्रकूट धाम के लिए दो-दो बसें को संचालन शुक्रवार से शुरू होना था। लेकिन चालक व परिचालक न होने से यह सुविधा शुरू नहीं हो सकी। काफी प्रयासों के बाद भी डिपो को चालक व परिचालक नहीं मिल रहे हैं। भर्ती के लिए अधिकारियों ने डिपो में पोस्टर भी चस्पा कराए। इसके बाद भी परिवहन निगम को चालक व परिचालकों का मिलना मुश्किल हो रहा है।
जिले से रोडवेज बसों के संचालन का रास्ता साफ होता नहीं दिख रहा है। धार्मिक व दार्शनिक स्थलों पर पहुंचने की इच्छा रखने वालों को सिर्फ इंतजार हाथ लग रहा है। लंबे समय से इन रूटों पर रोडवेज बसों के संचालन की मांग की जा रही थी। अभी तक यात्री ट्रेन से सफर करते हैं। इसके अलावा प्राइवेट व टूरिस्ट बसें संचालित होती हैं, जो मनचाहा किराया वसूलते हैं। अकबरपुर डिपो में 88 बसें शामिल हैं। यहां से दिल्ली, कानपुर, लखनऊ, प्रयागराज, गोरखपुर, बस्ती, लखीमपुर, सीतापुर, गोंडा, बहराइच, वाराणसी, आजमगढ़, मऊ और बलिया के लिए बसें संचालित की जाती हैं।
बीते शुक्रवार से झांसी के लिए दोपहर 12 बजे एक बस रवाना होनी थी, जिसका किराया 812 रुपये तय किया गया है। चित्रकूट के लिए प्रतिदिन सुबह आठ बजे डिपो से एक बस रवाना होनी थी, जिसका किराया 585 रुपये निर्धारित किया गया है। लेकिन चालक-परिचालक न होने से सुविधा शुरू नहीं हो सकी।
लखनऊ के लिए मिली और एक बस
अकबरपुर डिपो से सुबह पांच बजे दोस्तपुर रोड होते हुए कादीपुर, सुल्तानपुर से लखनऊ आलमबाग के लिए रविवार को बस का संचालन शुरू हुआ है, जिसका किराया 229 रुपये है। इसके अलावा आगरा के लिए इसी सप्ताह से बस सेवा शुरू करने की योजना है।
जल्द होगा संचालन
चालक व परिचालक न होने से यह बस सेवा नहीं शुरू हो पाई है। जल्द ही यात्रियों की सुविधा के लिए बसों का संचालन शुरू किया जाएगा। -हरिओम श्रीवास्तव, एआरएम