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ठंड के दौर में भी नहीं ठीक हो रहीं बसों की टूटी खिड़कियां

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फोटो-07, अंबेडकरनगर के अकबरपुर डिपो में क्षतिग्रस्त पड़े बस के शीशे - फोटो : AMBEDKAR NAGAR
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अंबेडकरनगर। परिवहन निगम के अधिकारियों की अदूरदर्शिता का खामियाजा सरकारी बस से यात्रा करने वाले यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है। दरअसल लगभग डेढ़ दर्जन सरकारी बसों की खिड़कियों के शीशे जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। ठंड का मौसम शुरू होने से पहले क्षतिग्रस्त शीशों को दुरुस्त किए जाने की मांग यात्रियों द्वारा की गई, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। नतीजा यह है कि लगातार गिरते तापमान के बीच सरकारी बसों से यात्रा करने वाले यात्रियों को विभिन्न प्रकार की मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। और तो और ज्यादातर बसों में फॉगिंग लाइट भी अब तक नहीं लग सकी है। ऐसे में आने वाले समय में यदि घना कोहरा छाता है, तो इससे भी मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं।
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सरकारी बस से यदि यात्रा करना है, तो ठंड से बचने की व्यवस्था खुद करनी होगी। कारण यह कि लगभग डेढ़ दर्जन बसों के शीशे क्षतिग्रस्त हैं, जिन्हें दुरुस्त नहीं किया जा सका है। बताते चलें कि अकबरपुर परिवहन निगम में 65 बसों के बेड़े में 14 बसें ऐसी हैं, जो विभिन्न प्रकार की गड़बड़ियों के चलते सड़क पर नहीं उतर सकी हैं। जो 51 बसें यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचा रही हैं, उनमें डेढ़ दर्जन बसें ऐसी हैं, जिनकी खिड़कियों के शीशे क्षतिग्रस्त हैं। बीते कुछ दिनों से तापमान में लगातार कमी आ रही है। अकबरपुर के अभिषेक व रामजी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि गत शनिवार को वह जिस बस से अयोध्या गए थे, उसकी कई खिड़कियों के शीशे क्षतिग्रस्त थे। सुबह का समय होने के चलते सर्द हवा अंदर आ रही थी।
बसखारी निवासी मोहम्मद इमरान व शहजादपुर निवासी सत्यप्रकाश ने कहा कि सरकारी बस का किराया भी अधिक है, लेकिन सुविधाएं कुछ भी नहीं हैं। ज्यादातर बसें खराब हैं। ऐसे में अक्सर जहां तहां खड़ी हो जाती हैं। खिड़कियों के शीशे भी क्षतिग्रस्त हैं। इससे संबंधित बसों से यात्रा करने वालों को विभिन्न प्रकार की मुश्किलें उठानी पड़ती हैं। कहा कि जिम्मेदारों को ठोस कदम उठाना चाहिए। इस बीच यात्री हित को लेकर जिम्मेदार कितना गंभीर हैं, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि ज्यादातर बसों में फॉगिंग लाइट भी नहीं लगाई जा सकी है। ऐसे में यदि आने वाले समय में घने कोहरे का प्रकोप होता है, तो इससे भी विभिन्न प्रकार की मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं। उधर एआरएम कमाल अहमद खां ने बताया कि क्षतिग्रस्त शीशों को दुरुस्त कराने के साथ ही फॉगिंग लाइट लगाए जाने का कार्य तेजी से हो रहा है।
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