आलापुर। स्थानीय तहसील क्षेत्र की करीब 4 लाख की आबादी को तहसील मुख्यालय पर बस स्टेशन की सुविधा मिलने का इंतजार बना हुआ है। बस स्टेशन न होने की वजह से स्थनीय नागरिकों को सुचारु आवागमन का लाभ नहीं मिल पा रहा है। सरकारी रोडवेज बसें नाम मात्र की चलती हैं। जबकि आलापुर तहसील की सीमा से कई पड़ोसी जनपद की सीमाएं सटी हैं। ऐसे में न सिर्फ स्थानीय नागरिकों को बाहरी जनपदों के आवागमन में मुश्किल होती है, बल्कि अन्य क्षेत्रों से यहां आने वाले नागरिक परिवहन संसाधनों के अभाव से जूझते नजर आते हैं। न तो इस क्षेत्र में ट्रेन की सुविधा है, और न ही बस स्टेशन की।
आलापुर तहसील क्षेत्र के बाशिंदे लम्बे समय से तहसील मुख्यालय पर बस स्टेशन स्थापना की मांग कर रहे हैं, परन्तु न तो जनप्रतिनिधि इस तरफ ध्यान दे रहे हैं, और न ही प्रशासन। इसके चलते ही आलापुर को बस स्टेशन की सौगात नहीं मिल सकी है। ऐसे में आलापुर क्षेत्र की करीब 4 लाख की आबादी को बेहतर परिवहन सेवाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। आलापुर तहसील क्षेत्र में लगभग कुल 215 से अधिक गांव स्थित हैं। आलापुर तहसील मुख्यालय की रामनगर बाजार के अलावा जहांगीरगंज व राजेसुल्तानपुर दो बड़ी बाजारें हैं। तहसील क्षेत्र में करीब 15 से अधिक छोटी बाजारें हैं।
शासन की तरफ से जहांगीरगंज व राजेसुल्तानपुर को नगर पंचायत का दर्जा भी मिल चुका है। इसके बावजूद शासन प्रशासन के प्रतिनिधि व जनप्रतिनिधि आलापुर तहसील मुख्यालय पर बस स्टेशन की स्थापना किए जाने की तरफ ध्यान नहीं दे रहे हैं। जबकि प्रतिदिन बड़ी संख्या में नागरिक यहां से विभिन्न शहरों व जनपदों के लिए आवागमन करते हैं। नागरिकों का कहना है कि जिला मुख्यालय की दूरी करीब 30 किलोमीटर है। ऐसे में जब यहां के नागरिकों को सफर तय करना होता है तो उन्हें पहले डग्गामार वाहनों का सहारा लेना पड़ता है। इन वाहनों पर न सिर्फ यात्रा सुरक्षित नहीं रहती, बल्कि मनमाना किराया भी वसूला जाता है।
तहसील क्षेत्र से प्रतिदिन बड़ी संख्या में नागरिक लखनऊ, प्रयागराज, गोरखपुर, आजमगढ़ व वाराणसी आदि जनपद के लिए आवागमन करते हैं। बस स्टेशन न होने की वजह से रामनगर, जहांगीरगंज व राजेसुल्तानपुर आदि बाजारों से गिने चुने ही रोडवेज बसें चलती हैं। ऐसे में यात्रियों को निजी वाहनों का ही सहारा रहता है। नागरिकों का कहना है कि आलापुर तहसील में बस स्टेशन की बड़ी जरूरत है। कारण यह कि इस तहसील से पड़ोसी जनपद आजमगढ़, संतकबीरनगर, बस्ती की सीमाएं जुड़ी हैं।
ऐसे में गैर जनपदों के यात्री भी आवागमन करते हैं। परिवहन सेवाएं न होने के काण यात्रियों को आवागमन करने में काफी दिक्कत होती है। कुछ दिन पहले तहसील क्षेत्र के पूर्वी छोर पर स्थित कम्हरिया घाट से अस्थायी बस स्टेशन का संचालन शुरु हुआ था परन्तु यह सुविधा ज्यादा दिन नहीं चल पायी। स्थानीय प्रमोद तिवारी, राजकरण, अरविन्द वर्मा आदि ने जनप्रतिनिधियों व प्रशासन से तहसील मुख्यालय पर जल्द बस स्टेशन स्थापित कराए जाने की मांग की है।