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उपेक्षित लोगों की आवाज बनेगी बसपा : सतीश

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अंबेडकरनगर। बसपा प्रदेश में परेशान किए जा रहे लोगों की आवाज बनेगी। पार्टी उनके साथ खड़ी दिखेगी और उन्हें न्याय दिलाने का काम करेगी। खासतौर पर ब्राह्मण समाज के साथ हो रहे उत्पीड़न को लेकर पूरी ताकत से आवाज उठाई जाएगी। ब्राह्मणों को अपने पाले में करने की कोशिश में जुटी बसपा के राष्ट्रीय महासचिव सतीशचंद्र मिश्र ने रविवार को पूरे जोश और आत्मविश्वास के साथ यह उद्गार प्रकट किए। वे एक होटल में अमर उजाला से खासतौर पर मुखातिब थे। कहा कि मेरे अयोध्या दौरे और ब्राह्मणों के उत्पीड़न की बात करते ही भाजपा में घबराहट साफ दिखने लगी है।
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जनपद के दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे बसपा महासचिव और राज्यसभा सांसद सतीशचंद्र मिश्र ने पूर्व मंत्री नकुल दुबे और पूर्व विधायक पवन पांडेय की मौजूदगी में अमर उजाला से वार्ता की। बोले कि ब्राह्मणों के साथ उत्पीड़न रोज बढ़ रहा है। उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। कोई ऐसा जिला नहीं है, जहां ब्राह्मणों का उत्पीड़न न हो रहा हो। समाज की अगुवाई करने वाले ब्राह्मण समाज का आज मौजूदा सरकार में तिरस्कार हो रहा है। जानबूझकर उनकी उपेक्षा की जा रही है।
आज ब्राह्मण समाज आहत महसूस कर रहा है, क्योंकि उसकी सुनवाई नहीं हो रही है। किसी भी क्षेत्र के ब्राह्मणों से बात कीजिए तो उनका दर्द छलक जाएगा। ऐसे समय में जब बाकी लोग चुप हैं, तब ब्राह्मणों के दर्द को बहन मायावती ने महसूस किया, क्योंकि वे हमेशा पीड़ितों और परेशान लोगों का साथ देती आई हैं। इसीलिए ब्राह्मणों के बीच जाने और उनकी आवाज को मजबूती प्रदान करने का अभियान हमने शुरू किया है। बोले कि ब्राह्मण समाज अब अकेला महसूस न करे। बसपा उनकी आवाज दबने नहीं देगी। उनके साथ होने वाले हर अत्याचार और अन्याय में बसपा खुलकर विरोध करती दिखेगी।
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ब्राह्मणों को जोड़ने के अभियान के असर संबंधी प्रश्न पर सतीश बोले कि मेरे पहले चरण से ही बीजेपी और सरकार में घबराहट आ गई है। सीएम दौड़े-दौड़े अयोध्या तक आ गए, जबकि उनके प्रदेश अध्यक्ष ने अब ब्राह्मणों और संतों के पैर तक धोना शुरू कर दिया। खिंचाई करते हुए कहा कि आगे-आगे देखिए, वे सब क्या-क्या करने को मजबूर होंगे, क्योंकि अभी तो मुझे पूरे प्रदेश का यूं ही दौरा करना है।
बसपा महासचिव ने कहा कि हम ब्राह्मणों के लिए सिर्फ हवा में बात करने वाले लोग नहीं हैं। मायावती ने 2007 की सरकार में ब्राह्मणों को बहुत ज्यादा सम्मान दिया था। सर्वाधिक 45 ब्राह्मण विधायक बसपा से ही थे। शासन और जिला प्रशासन के महत्वपूर्ण पदों पर ब्राह्मण की तैनाती की गई थी। सत्ता और संगठन दोनों में खूब महत्व दिया गया। ब्राह्मणों को वही सम्मान फिर मिलेगा।
सवाल के जवाब में कहा कि हम कुछ समय बाद जब टिकट देने जाएंगे, तब सबको स्वयं पता चल जाएगा कि बसपा ने ब्राह्मण समाज को कितनी प्राथमिकता दी है। बोले कि ब्राह्मण समाज अत्यंत दयालु होता है। वह अब न सिर्फ खुद एकजुट होकर अपने साथ होने वाले अन्याय और उपेक्षा के विरुद्ध आवाज बुलंद करेगा, वरन बसपा के साथ मिलकर अन्य समाज के भी पीड़ितों की आवाज उठाएगा।
टाल गए नेताओं के निष्कासन पर सवाल
बसपा महासचिव से जब पूर्व राष्ट्रीय महासचिव रामअचल राजभर और पूर्व नेता विधानमंडल दल लालजी वर्मा को पार्टी से निकाले जाने तथा पूर्व सांसद त्रिभुवन दत्त द्वारा पार्टी छोड़ दिए जाने से उत्पन्न होने वाली स्थिति को लेकर सवाल किया गया तो वे टाल गए। बोले कि यह पार्टी के और नेता बताएंगे। मैं फिलहाल ब्राह्मण का दुख-दर्द साझा करने और उनकी आवाज बनने के अभियान में निकला हूं तो सिर्फ इसी पर फोकस रहेगा।
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