बसपा नेता के और भी कई ठिकानों पर छापेमारी की संभावना जतायी जा रही है। बसपा प्रदेश अध्यक्ष ने इसे हताशा में सत्तारूढ़ दल के इशारे पर की गई कार्रवाई बताते हुए तत्काल रोके जाने की चेतावनी दी है। उधर सपा नेताओं का कहना है कि पुलिस की कार्रवाई को सत्तारूढ़ दल से जोड़ना विपक्षियों की बौखलाहट है।
आबकारी निरीक्षक क्षेत्र प्रथम सुरेशचन्द्र मिश्र व अकबरपुर कोतवाली के उपनिरीक्षक सजीवनलाल के साथ पुलिस व आबकारी टीम ने शनिवार को अकबरपुर नगर में शराब की दुकानों पर एक के बाद एक ताबड़तोड़ छापेमारी की। छापेमारी की इस कार्रवाई से हड़कंप मच गया।
जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए एक दिन पहले ही नामांकन हुआ था। उससे पहले से ही यह खबरें सामने आने लगी थीं कि बसपा नेता व पूर्व सांसद राकेश पांडेय के शराब ठेकों पर कभी भी छापेमारी हो सकती है। इस बीच शुक्रवार को हुई छापेमारी के बाद राजनीतिक माहौल गर्म हो गया।
आबकारी व टीम ने देशी शराब की निबियहवा पोखरा, शहजादपुर व मीरानपुर, विदेशी शराब की शहजादपुर तथा बीयर की शहजादपुर स्थित जिन दुकानों पर छापेमारी की, उनमें से दो के पास स्टाक रजिस्टर पूर्ण नहीं था। एक के पास निकासी पासबुक नहीं मिली, जबकि अन्य जगहों पर पर्याप्त साफ सफाई न होने का उल्लेख किया गया।
छापेमारी की कार्रवाई होते ही बहुजन समाज पार्टी ने दबाव बनाने वाली अन्यायपूर्ण कार्रवाई करार दिया है। बसपा प्रदेश अध्यक्ष रामअचल राजभर ने कहा कि चूंकि पूर्व सांसद राकेश पांडेय पूरी सक्रियता से बसपा प्रत्याशी की जीत तय करने के लिए लगे हुए हैं।
ऐसे में उन्हें पूर्व से ही मिल रही धमकी के अनुरूप अब यह छापेमारी कराई गई है। श्री राजभर ने कहा कि सत्तारूढ़ दल के पास जिपं अध्यक्ष चुनाव में मामूली संख्या है, जिसके चलते वह इस तरह की उत्पीड़नात्मक कार्रवाई पर उतर आया है। पूरे घटनाक्रम को निदंनीय बताते हुए कहा कि यदि इसे अविलंब रोका न गया तो पार्टी चुप नहीं बैठेगी। पूर्व सांसद राकेश पाण्डेय ने कहा कि ऐसे प्रयासों से वे झुकने वाले नहीं हैं।
वह पार्टी के साथ पूरी मजबूती सेे खड़े रहेंगे, भले ही उन्हें इसकी कितनी भी कीमत क्यों न चुकानी पड़े। उधर दुग्ध विकासमंत्री राममूर्ति वर्मा ने इन आरोपों को हास्यास्पद बताया है। कहा कि पुलिस व आबकारी विभाग के रुटीन काम को सत्तारूढ़ दल से जोड़ देना अनुचित व दुर्भाग्यपूर्ण है।
सत्ता का इस्तेमाल करना होता तो जिला पंचायत सदस्यों को लेकर सपा प्रत्याशी बाहर जाता। यहां तो बसपा प्रत्याशी व नेता ही सदस्यों को लेकर बाहर गए हैं, और अब गलत आरोप समाजवादी पार्टी पर लगा रहे हैं। श्री वर्मा ने कहा कि जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में सपा की जीत तय होते देख अब बसपा नेता ऐसे ओछे हथकंडों पर उतर आए हैं, जिसका कोई विश्वास नहीं करेगा।
उधर जिलाधिकारी विवेक ने बताया कि छापेमारी की यह कार्रवाई नियमित प्रक्रिया का अंग है। इससे इतर जोड़कर देखा जाना ठीक नहीं है। कहा कि छापेमारी की यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। इसके लिए टीम का गठन किया गया है।