मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर के पोस्टमार्टम हाउस के बाहर बुधवार को दुखी बैठे रवि के परिजन।
अंबेडकरनगर। मालीपुर के आशानंदपुर बरौली गांव में नौ वर्षीय छात्र अंश की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद बृहस्पतिवार को शव कब्र से निकालकर पोस्टमार्टम कराया गया। परिजनों ने स्कूल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया था। पुलिस ने स्कूल प्रबंधक पर लापरवाही बरतने की प्राथमिकी दर्ज की है।
आशानंदपुर बरौली गांव के नेत्रहीन दंपती हीरालाल और शशिकला का इकलौता पुत्र अंश जय नारायण सरस्वती विद्या मंदिर मालीपुर में यूकेजी का छात्र था। बीते मंगलवार को वह स्कूल गया था। परिजनों का आरोप है कि सुबह करीब 10 बजे स्कूल में उसकी तबीयत खराब हो गई और उसे उल्टियां होने लगीं। विद्यालय की ओर से न तो घर पर सूचना दी गई और न ही उपचार कराया गया। ऐसे में वह घंटों दर्द से तड़पता रहा।
दोपहर तीन बजे छुट्टी के बाद अंश को स्कूल बस से घर भेज दिया। घर से करीब 500 मीटर पहले चालक ने उसे उतार दिया। घर पहुंचने के बाद परिजन उसे स्थानीय चिकित्सक के पास ले गए। उपचार के बाद घर लेकर आ गए थे, लेकिन शाम को उसकी मौत हो गई थी। परिजनों ने शव को मंजूषा नदी के तट पर दफन कर दिया था।
बुधवार को मां शशिकला ने विद्यालय प्रबंधक सुरेश अग्रवाल के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए एसडीएम जलालपुर को प्रार्थना पत्र दिया।डीएम अनुपम शुक्ला के आदेश पर बृहस्पतिवार सुबह नायब तहसीलदार अमरनाथ व पुलिस की मौजूदगी में कब्र से शव निकाला गया। दो डॉक्टरों के पैनल से वीडियोग्राफी के बीच पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट न होने पर विसरा सुरक्षित किया गया है।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
अंश तीन बहनों का इकलौता भाई था। पिता हीरालाल ट्रेन में चना बेचकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। इस घटना ने पूरे परिवार को झकझोर दिया है। माता-पिता व बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के बाद विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने गांव पहुंचकर परिजनों को सांत्वना दी और प्रशासन से जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
आरोप निराधार
छात्र सामान्य स्थिति में बस में बैठा था। बस कुछ दूर जाने के बाद बच्चे ने पेट में दर्द की शिकायत की तो परिजनों को चालक ने सूचना दी। स्कूल प्रशासन की ओर से कोई लापरवाही नहीं की गई है। स्कूल की सीसीटीवी फुटेज मौजूद है। राजनीति के कारण अनावश्यक स्कूल को बदनाम किया जा रहा है।
- सुरेश अग्रवाल, प्रबंधक