पीड़ित परिवार नंदलाल पुत्र लक्ष्मण व दिनेश पुत्र चुन्नीलाल के घर पर पहुंचकर जायजा लिया। मालूम हो कि बीते दिनों प्रशासन ने कोर्ट के निर्देश का हवाला देते हुए अतिक्रमण किए जाने के चलते दोनों का घर जेसीबी मशीन से ढहा दिया गया था।
इससे दोनों परिवार के सदस्य खुले आसमान के नीचे रहने के लिए विवश हो गए थे। मामले के काफी तूल पकड़ने पर बीते दिनों डीएम विवेक ने डीएम विवेकाधीन कोष से 25-25 हजार रुपये दोनों परिवारों को सौंपा गया था।
गुरुवार को मुलाकात के दौरान श्री यादव ने कहा कि उनके साथ अन्याय किया गया है। कहा कि कोई लिखित निर्देश स्थानीय प्रशासन नहीं प्रस्तुत कर सका है। ऐसे में सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि प्रशासन ने किस कदर हड़बड़ी में कार्य किया है।
इस दौरान अमरनाथ सिंह, शिवपूजन वर्मा, विकास मोदनवाल, लालजी यादव, लल्लन सोनी, रामकुमार सोनी, पारसनाभ चौधरी, राजेश प्रजापति, अंबिका प्रसाद सिंह, बालगोविंद मौर्य आदि मुख्य रूप से मौजूद रहे। बाद में प्रेस से मुखातिब श्री यादव ने कहा कि प्रदेश में कानून नाम की कोई चीज नहीं रह गई है।
आए दिन लूट, हत्या व छिनैती की घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने भीटी थाना अन्तर्गत वाजिदपुर गांव में एक युवक की पुलिस द्वारा की गई पिटाई की निंदा करते हुए कहा कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए और दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध केस दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।