यहां पटरी के नीचे बने पुल में जहां अक्सर पानी भरा रहता है, वहीं पटरी के ऊपर से आवागमन रोकने के लिए रेलवे ने जेसीबी से गड्ढा खुदवा दिया है। इससे राहगीरों की मुश्किल बढ़ गई है। कटेहरी रेलवे स्टेशन के पूर्वी छोर पर निनामपुर मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग है।
कटेहरी बाजार से निनामपुर होकर प्रतिदिन दर्जनों गांव के ग्रामीण व स्कूली बच्चे आवागमन करते हैं। निनामपुर के पास रेल लाइन पड़ती है। काफी व्यस्ततम मानी जाने वाली इस क्रॉसिंग के पास एक पुल बना है।
जलनिकासी के लिए ये पुल बनाया गया है। आवागमन के लिए वाहन इसी पुल के नीचे से गुजरते हैं। जबकि साइकिल व पदयात्री रेल लाइन के ऊपर से गुजरते हैं। पुल अत्यंत नीचा होने व बगल में नाला होने के कारण अक्सर वहां जलभराव रहता है। इससे ज्यादातर समय दोपहिया वाहन चालक अपनी जान जोखिम में डालकर पटरी पार करते हैं। प्रतिदिन सैकड़ों छात्र-छात्राएं भी कटेहरी बाजार स्थित स्कूलों में आते-जाते हैं।
रेलवे की मनमानी की हद ये कि क्रॉसिंग पर फाटक लगाने के बजाय पटरी के एक तरफ जेसीबी मशीन से गड्ढा खोदवा दिया है। इस बीच इन दिनों पुल के नीचे बारिश के चलते जलभराव हो गया है। इससे राहगीरों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। रेल विभाग की इस मनमानी पर ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है।
क्षेत्र के लालता प्रसाद, जितेंद्र, विश्वनाथ वर्मा आदि का कहना है कि रेलवे के अधिकारी जिस तरह से मनमानी कर रहे हैं, वह अनुचित है। आवागमन सुगम बनाने की बजाय राहगीरों के लिए मुश्किल खड़ी की जा रही है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।