अंबेडकरनगर। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में अब फर्जीवाडा़ नहीं हो पाएगा। विभाग ने वर-वधू के लिए विवाह से पहले बायोमीट्रिक सत्यापन अनिवार्य कर दिया है। इससे पात्र लाभार्थियों की सही पहचान हो सकेगी। यदि कोई व्यक्ति पहले इस योजना का लाभ ले चुका होगा, तो उसकी जानकारी अधिकारियों को हो जाएगी।
गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह के उद्देश्य से शुरू की गई इस योजना में पहले फर्जी दस्तावेजों के जरिए लाभ लेने की शिकायतें सामने आती रही हैं। हालांकि जिले में ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है। वहीं अब इस प्रकार की गड़बड़ियों पर रोक लगाने के लिए अब वर-वधू के आधार का बायोमीट्रिक सत्यापन किया जाएगा। विवाह से पहले बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य होगा और विवाह स्थल पर भी दोनों की उपस्थिति बायोमीट्रिक माध्यम से दर्ज की जाएगी। जहां 100 या उससे अधिक जोड़ों का सामूहिक विवाह होगा, वहां उप-जिलाधिकारी की उपस्थिति अनिवार्य होगी। जिला समाज कल्याण अधिकारी विक्रम कौशल ने बताया कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में पारदर्शिता के लिए ऐसा किया गया है।
579 शादियों का लक्ष्य
मुख्यमंत्री सामूहिक योजना के तहत जिले को 579 शादियों का लक्ष्य मिला है। जिसमें अब तब एक हजार से अधिक लोगों ने आवेदन किया है। अब विभाग को मिले आवेदनों की जांच कराई जा रही है।
नवंबर में कराई जाएंगी शादियां
समाज कल्याण अधिकारी ने बताया कि अभी तक जो आवेदन आए हैं, उनकी जांच कराई जा रही है।इसके बाद नवंबर में शादियां कराई जाएंगी।