अंबेडकरनगर। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए जिले के 92 स्वयं सहायता समूहों को 27 लाख 60 हजार रुपये की राशि रिवॉल्विंग फंड (परिक्रामी निधि) के रूप में प्रदान की गई है। प्रत्येक समूह को 30 हजार रुपये की दर से यह धनराशि दी गई है, जिससे वे अपने आवश्यक कार्यों, लघु उद्योगों व उद्यमशील गतिविधियों को गति दे सकें।
इन स्वयं सहायता समूहों में प्रत्येक में 10 से 12 महिलाएं जुड़ी हुई हैं। ये महिलाएं अब इस निधि की मदद से छोटी बचत और स्थानीय संसाधनों का उपयोग करते हुए स्वरोजगार के नए अवसर पैदा कर सकेंगी। महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए यह रिवॉल्विंग फंड एक सुनियोजित और दूरदर्शी पहल मानी जा रही है। महिलाएं स्वयं सहायता समूह बनाकर आपसी सहयोग और वित्तीय अनुशासन के साथ लघु व्यवसाय जैसे सब्जी की खेती, मुर्गी पालन, मसाला निर्माण, दोना-पत्तल बनाना, सिलाई-कढ़ाई, ब्यूटी पार्लर और बेकरी जैसे काम शुरू कर रही हैं। उपायुक्त स्वरोजगार सुरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि कि यह निधि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से सीधे समूहों के खातों में भेजी गई है।
-
450 नए समूहों का होगा गठन
इस वित्तीय वर्ष में शासन द्वारा 450 नए स्वयं सहायता समूहों के गठन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए ग्राम स्तर पर महिलाओं को जागरूक करने, संवाद कार्यक्रम, प्रशिक्षण शिविर और बैंक सहयोग की व्यवस्था की जा रही है। यह पहल ग्रामीण महिला उद्यमिता को नई दिशा देने का काम कर रही है।