अंबेडकरनगर। ट्रेड यूनियन के भारत बंद के चलते जिले के विभिन्न क्षेत्रों में बैंकों की 110 शाखाओं में कामकाज पूरी तरह ठप रहा। कर्मचारियों ने गेट पर ताला लगाकर प्रदर्शन किया। वेतन वृद्धि व बैंकों के विलय के विरोध में आवाज बुलंद कर रहे कर्मचारियों ने कहा कि इससे उनका हक मारा जा रहा है। चेतावनी दी कि जल्द ही मांगों का निस्तारण नहीं हुआ तो बड़ा आंदोलन छेड़ने के लिए मजबूर होंगे। हड़ताल के चलते धननिकासी व जमा करने के साथ ही विभिन्न कार्यों से बैंक पहुंचे उपभोक्ताओं को मायूस होकर लौटना पड़ा। बैंकों में हड़ताल के चलते 80 करोड़ से अधिक का लेनदेन प्रभावित रहा। उधर, हड़ताल का जिले के बाजारों पर कोई असर नहीं दिखा। हर दिन की तरह दुकानें खुली रहीं। वर्ष 2017 के बाद से वेतन वृद्धि न होने, पुरानी पेंशन बहाली, विभिन्न कार्यालयों में कार्य कर रहीं महिलाओं की सुरक्षा समेत विभिन्न मांगों को लेकर बुधवार को ट्रेड यूनियन ने राष्ट्रव्यापी हड़ताल की घोषणा की थी। इसमें जिले के एसबीआई, बैंक ऑफ बड़ौदा समेत विभिन्न बैंकों की 110 शाखाओं के कर्मचारी भी शामिल रहे। प्रतिदिन की तरह कर्मचारी संबंधित शाखा पहुंचे, लेकिन कार्य करने की बजाए मुख्य गेट बंद कर उसके बाहर धरने पर बैठ गए।
एसबीआई व बैंक ऑफ बड़ौदा अकबरपुर शाखा के समक्ष प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने कहा कि बैंक के विलय करने की प्रक्रिया पर रोक की मांग लगातार की जा रही है, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। न तो वेतन वृद्धि की मांग को पूरा किया जा रहा है और न ही पुरानी पेंशन बहाली की मांग को ही पूरा करने की सुध है। कहा गया कि कार्यालयों में कार्यरत महिला कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। पूंजीपतियों द्वारा लिए गए बड़े ऋण की वसूली को लेकर कोई गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। इससे संबंधित बैंकों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। चेतावनी दी गई कि यदि शीघ्र ही उनकी मांगों का निस्तारण नहीं हुआ, तो बड़ा आंदोलन छेड़ने को मजबूर होंगे।
बैंकों में हड़ताल की समुचित सूचना न मिलने से धन निकासी, जमा करने समेत विभिन्न कार्यों से संबंधित बैंकों में पहुंचे उपभोक्ताओं को मायूस होकर लौटने को मजबूर होना पड़ा। एसबीआई मुख्य शाखा में धननिकासी के लिए पहुंचे कटेहरी के अभिषेक तिवारी व पहितीपुर के रामजनम ने कहा कि उन्हें हड़ताल की जानकारी नहीं थी। खराब मौसम के बीच बगैर काम हुए ही अब उन्हें वापस लौटना पड़ रहा है। अकबरपुर नगर स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा पहुंची उमिर्ला व जहरा ने कहा कि उन्हें धननिकासी के साथ ही कुछ अन्य कार्य भी थे, लेकिन यहां पहुंचकर पता चला कि हड़ताल है। ऐसे में अब वापस लौटना पड़ रहा है।
ट्रेड यूनियन के भारत बंद का जिले में कोई प्रभाव नहीं पड़ा। पूर्व की तरह ही बुधवार को भी बाजार खुले रहे। गौरतलब है कि ट्रेड यूनियन के अलग अलग संगठनों ने विभिन्न मागों को लेकर बुधवार को भारत बंद का आह्वान किया था। संगठन से जुड़े पदाधिकारियों ने जिले की भी बाजारों के बंद रहने का दावा किया था, लेकिन बुधवार को कुछ ऐसा नहीं हुआ। प्रतिदिन की तरह बुधवार को भी सुबह से ही जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्र की बाजारों की दुकानों का खुलना प्रारंभ हो गया। पूरे दिन दुकानें खुली रहीं। यह अलग बात है कि मौसम खराब होने के चलते बाजारों में ज्यादातर समय सन्नाटा ही पसरा रहा।
ट्रेड यूनियन के आह्वान पर बुधवार को पीडब्ल्यूडी परिसर में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के तत्वावधान में आयोजित धरने में विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों व सदस्यों ने भागीदारी की। जिलाध्यक्ष सूर्यभान सिंह ने कहा कि कर्मचारी विभिन्न समस्याओं से जूझ रहे हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। बेरोजगारी दिन प्रतिदिन बढ़ रही है। इस पर अंकुश लगाए जाने की जरूरत है। जाति धर्म के आधार पर विभाजन किया जा रहा है। इसे तत्काल बंद किया जाए। पीडब्ल्यूडी मंडल अध्यक्ष प्रमोद सिंह व चतुर्थ श्रेणी महासंघ जिलाध्यक्ष शिवकुमार मौर्या ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली की मांग को जहां नजरअंदाज किया जा रहा है, वहीं वेतन वृद्धि की मांग को भी पूरा करने की सुध नहीं है।
इस दौरान अहिबरन सिंह यादव, अजय कुमार, माधुरी वर्मा, जगदीश प्रसाद प्रजापति, कुसुम सिंह, रामकिशोर, उर्मिला, रीता राजभर, महेंद्र कुमार यादव, अमर सिंह आदि मौजूद रहे। उधर एलआईसी कर्मचारियों ने कार्य से विरत रहते हुए प्रदर्शन किया। अध्यक्ष विजय कुमार मिश्र ने शेयर मार्केट नीति पर रोक लगाए जाने, बीमा क्षेत्र में एफडीआई बढ़ाना बंद किए जाने, इंश्योरेंश प्रीमियम पर जीएसटी वापस लिए जाने, सभी अस्थाईी कर्मचारियों को संबंधित पद पर न्यूनतम वेतन दिए जाने की मांग की। इस दौरान नरेंद्र पाण्डेय, एलके द्विवेदी, जयनेंद्र चौधरी, धीरेंद्र, शीला, धर्मेंद्र, पवन आदि मौजूद रहे।
एसबीआई, बीओबी, पंजाब नेशनल बैंक समेत विभिन्न सरकारी बैंकों की 110 शाखाओं के कर्मचारी हड़ताल पर रहे। हड़ताल के चलते 80 करोड़ रुपये से अधिक का लेनदेन प्रभावित हुआ है।
- आशीष सिंह, एलडीएम