फोटो 8, अंबेडक रनगर में बुधवार सुबह कुछ इस तरह रहा घना कोहरा।
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अंबेडकरनगर। घने बादलों के बीच बुधवार को कहीं बूंदाबांदी तो कहीं रिमझिम बारिश हुई। दिनभर धूप नहीं निकली। इस वजह से ठंड ने एक बार फिर तेवर दिखाए। लोग जगह-जगह अलाव का सहारा लेते दिखे। इसके अलावा चाय के होटलों पर भी दिनभर लोग चाय की चुस्कियां लेते दिखे। खराब मौसम के चलते बाजारों में भी सन्नाटा पसरा रहा। ग्रामीण क्षेत्र के लोगों ने बाजारों का रुख नहीं किया तो शहरी क्षेत्र के लोग भी खराब मौसम के चलते ज्यादातर समय घरों व प्रतिष्ठानों में ही कैद रहे। उधर, दिनभर बारिश से किसानों की चिंता बढ़ गई। उनका कहना है कि इससे दलहनी व तिलहनी फसलों को नुकसान हो सकता है।
ठंड का दौर एक बार फिर लौटने से लगातार जारी रहने से गर्म कपड़ों की बिक्री में तेजी से वृद्धि हुई। इससे गर्म कपड़ों के दुकानदारों के चेहरे खिल उठे। शहजादपुर के दुकानदार दयाशंकर ने कहा कि बीते कई वर्ष के बाद इस प्रकार लंबे समय तक ठंड का प्रकोप चला है। ऐसे में गर्म कपड़ों की जमकर लोग खरीददारी कर रहे हैं। कहा कि विगत वर्ष का जो स्टॉक था, वह तो समाप्त ही हुआ, इस बार तीन खेप मंगानी पड़ी। गोलू अग्रहरि ने कहा कि जेंट्स के साथ साथ लेडीज गर्म सूट की बढ़ चढ़कर लोग खरीददारी कर रहे हैं। बताया कि विगत वर्ष ठंड न पडने से जो नुकसान हुआ था, उसकी भरपाई इस बार हो गई।
बुधवार का मौसम देख किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें उत्पन्न हो गईं। दरअसल यदि बारिश के साथ ओले भी गिरे, तो इससे दलहनी व तिलहनी फसलों को व्यापक नुकसान होगा। किसान रामअधार व श्यामलाल ने कहा कि इस बार सरसों व चने की बेहतर उपज होने की उम्मीद थी, लेकिन जिस प्रकार का मौसम है, उससे लगता है कि बड़ा नुकसान होगा। कहा कि यदि आले गिरते हैं, तो इससे फूल वाली फसलों को बड़ा नुकसान हो सकता है। किसान रामबली व इश्तियाक ने कहा कि यदि मौसम साफ नहीं हुआ, तो इससे फूल वाली फसलों को नुकसान होगा। साथ ही आलू व गेहूं की फसल के सड़ने की भी संभावना है।