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दिखा भैयादूज पर्व का उल्लास, बहनों ने मांगी भाईयों की लम्बी आयु

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अंबेडकरनगर के अशरफपुर बरवां में भैयादूज पर्व के मौके पर भाई अभिषेक को तिलक लगाती अंजलि - फोटो : AMBEDKAR NAGAR
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अंबेडकरनगर। भैया दूज का पर्व मंगलवार को जिले में धूमधाम व हर्षोल्लास के साथ मना। बहनों ने पूजन अर्चन कर भाईयों के दीर्घायु की कामना की। भाईयों ने बहनों के घर पहुंचकर उनके हाथ से बने लजीज व्यंजन खाए, और अपने सामर्थ के अनुसार उपहार भी भेंट किया। भैयादूज पर्व के मौके पर बहनों ने जहां घरों में भाईयों के लिए लजीज व्यंजन तैयार किया, वहीं इससे पहले बड़ी संख्या में बहनों ने मंदिरों में पहुंचकर विधि विधान से पूजन अर्चन कर भाई की तरक्की व दीर्घायु के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक में भैयादूज का पर्व धूमधाम से मना।
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मंगलवार को बहनों व भाइयों के प्रेम के प्रतीक के रूप में मनाया जाने वाला भैयादूज का पर्व धूमधाम से मना। अकबरपुर नगर में सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ दिखी। बड़ी संख्या में महिलाओं ने मंदिरों में पहुंचकर अपने भाइयों की दीर्घायु व तरक्की के लिए प्रार्थना की।
इसके बाद घरों में लजीज व्यंजन भी तैयार किए गए। बड़ी संख्या में लोगों ने बहनों के घर पहुंचकर पकवान खाए और अपने सामर्थ्य के अनुसार उपहार भी भेंट किया। हजपुरा प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र में भैयादूज का पर्व उल्लास से मना। बहन व भाई के प्रेम के प्रतीक के रूप में मनाए जाने वाले इस पर्व के मौके पर घरों में पूजन अर्चन भी हुआ। मान्यता है कि भगवान सूर्यदेव की पत्नी का नाम छाया था।
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उनकी कोंख से यमराज तथा यमुना का जन्म हुआ। यमुना अपने भाई यमराज से बहुत स्नेह करती थीं, और वे यमराज से बराबर निवेदन किया करती थीं कि वह उनके घर आकर भोजन करें। यमराज अपने काम में ब्यस्त रहने के कारण यमुना की बातों को टाल जाया करते थे, लेकिन आखिरकार कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को यमुना ने अपने भाई यमराज को भोजन करने के लिए बुला ही लिया।
बहन के घर आते समय यमराज ने नरक में निवास करने वाले जीवों को मुक्त कर दिया। भाई को देखते ही यमुना ने हर्ष विभोर हो कर भाई का स्वागत सत्कार करती हैं। इससे प्रसन्न होकर यमराज ने बहन यमुना से वर मांगने को कहा। तब बहन यमुना ने कहा कि आप प्रति वर्ष इस दिन मेरे घर भोजन करने आया करेंगे तथा इस दिन जो बहन अपने भाई को टीका करके भोजन कराये उसे आपका भय न रहे।
टांडा प्रतिनिधि के अनुसार मंगलवार को भैयादूज का पर्व धूमधाम से मना। इस पर्व पर बहनों ने भाइयों के दीर्घायु होने की कामना की। सरयू नदी के किनारे मंगलवार को श्रद्धालुओं ने स्नान के साथ विधि से पूजन-अर्चन किया। भोर से ही क्षेत्र के तामेश्वरनाथ महादेव डुहिया, श्रीहनुमान गढ़ी घाट, राजघाट सहित अन्य विभिन्न घाटों पर लोगों की भारी भीड़ जुटी। सरयू स्नान कर लोगों ने पुरोहितों को दान देकर मंदिरों में स्थापित विग्रह का पूजन अर्चन किया।
बहनों के हाथ से बने लजीज व्यंजनों को खाकर भाइयों ने वस्त्र, आभूषण आदि उपहार स्वरूप भी भेंट किया। मुहल्ला मुबारकपुर में स्थित प्राचीन काली मंदिर पर भैयादूज के वार्षिक मेले का आयोजन हुआ। पं वेद प्रकाश उपाध्याय ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधिविधान पूर्वक मां काली का पूजन अर्चन कराया। रात में आयोजक मंडल द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।
मेला आयोजक व्यापारी नेता पिन्टू जायसवाल व कतवारू राम जायसवाल ने देश की प्रगति व शांति सौहार्द के लिए काली मंदिर परिसर में हवन कर पूजन अर्चन किया। मेले की व्यवस्था में मनोज यादव, सभासद आशीष यादव, मनीष जायसवाल, भाजपा नेता मनोज साहू, अजय सोनी, मदनलाल आदि का विशेष योगदान रहा। भीटी, जलालपुर, कटेहरी, आलापुर व मालीपुर आदि क्षेत्रों में भैयादूज का पर्व धूमधाम से मना।
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