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चुनाव से पहले बीजेपी में गूंजा कार्यकर्ता बनाम बाहरी का मुद्दा

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अंबेडकरनगर। जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव को लेकर भाजपा में कार्यकर्ता बनाम बाहरी की आवाज बुलंद हुई है। बीजेपी के प्रत्याशी के तौर पर जिला पंचायत सदस्य का चुनाव जीते अमरेंद्र पाल को लेकर क्षेत्रीय मंत्री त्रयंबक तिवारी, जिलाध्यक्ष मिथिलेश त्रिपाठी और पूर्व जिलाध्यक्ष कपिलदेव वर्मा ने लखनऊ पहुंच कर जिले के प्रभारी और कानून मंत्री बृजेश पाठक से मुलाकात की।
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पार्टी नेता इससे पहले क्षेत्रीय अध्यक्ष शेषनारायण मिश्र से भी मिले। वहां कहा गया कि बीजेपी कार्यकर्ताओं की पार्टी है। इसलिए पार्टी का प्रत्याशी बनकर चुनाव जीते जिला पंचायत सदस्य को ही अध्यक्ष पद का टिकट दिया जाए। यह भी कहा गया कि जिस बाहरी प्रत्याशी के लिए कुछ लोग जोर लगा रहे हैं, उनकी जीत के बाद जिला पंचायत पर मुख्यत: बसपा नेताओं का ही दबदबा रहेगा, क्योंकि वे लंबे समय से बसपा में रहे हैं।
जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव की जंग रोचक हो गई है। सर्वाधिक हलचल सत्तारूढ़ भाजपा में है। पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने एक दिन पहले बसपा से बगावत कर जिला पंचायत सदस्य का चुनाव जीतने वाले साधू वर्मा को लेकर कैसरगंज के सांसद बृजभूषण सिंह से मुलाकात कर सरगर्मी बढ़ा दी थी। संदेश साफ था कि साधू को अध्यक्ष पद के लिए कोशिश की जा रही है। सांसद से मुलाकात की फ़ोटो सामने आने के साथ ही पार्टी में कार्यकर्ता बनाम बाहरी की आवाज तेज हो गई। कार्यकर्ताओं में यह सुगबुगाहट पहले से थी कि साधू बीजेपी से टिकट की कोशिश में लगे हैं।
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इसे लेकर ही तमाम आम कार्यकर्ताओं के बीच विरोध के स्वर बुलंद होने लगे। कार्यकर्ताओं को यह संदेश देना जरूरी हो गया कि उनका सम्मान सर्वोपरि है। इसके चलते ही अध्यक्ष पद के दावेदार अमरेंद्र पाल और बीजेपी के टिकट पर सदस्य बने श्रीकांत कनौजिया के अलावा निर्दल जिला पंचायत सदस्य निर्वाचित हुईं उर्मिला सिंह के प्रतिनिधि अभिषेक सिंह को साथ लेकर जिलाध्यक्ष डॉ. मिथिलेश त्रिपाठी और पूर्व जिलाध्यक्ष कपिलदेव वर्मा लखनऊ पहुंच गए।
क्षेत्रीय मंत्री त्रयंबक तिवारी के साथ पार्टी नेताओं ने जिले के प्रभारी मंत्री और कानून मंत्री बृजेश पाठक से उनके आवास पर मुलाकात की। जिला पंचायत सदस्य अमरेंद्र पाल ने कहा कि हम कार्यकर्ता दिन-रात पार्टी के लिए लगे रहते हैं। पार्टी के टिकट पर हम जीत कर आए भी हैं। इसके बावजूद यदि अध्यक्ष पद का टिकट किसी बाहरी को दे दिया जाता है तो यह सभी कार्यकर्ताओं का अपमान होगा।
श्रीकांत कनौजिया ने कहा कि विस चुनाव से पहले कार्यकर्ताओं और जनता के बीच गलत संदेश नहीं जाना चाहिए। अमरेंद्र ने कहा कि बीजेपी में शामिल कराकर जिन्हें टिकट देने की चर्चा हो रही है, उनकी जीत के बाद पूरी जिला पंचायत पर भाजपा की बजाय सिर्फ बसपा का कब्जा रहेगा।
मंत्री ने कहा कि सभी बातों को रखा जाएगा। कार्यकर्ताओं का पूरा सम्मान सुनिश्चित होगा। इससे पहले जिलाध्यक्ष मिथिलेश और पूर्व जिलाध्यक्ष कपिलदेव के साथ अमरेंद्र व अन्य ने बीजेपी के क्षेत्रीय अध्यक्ष शेष नारायण मिश्र से भी मुलाकात की। वहां भी कार्यकर्ता बनाम बाहरी का मुद्दा प्रमुखता से उठा।
बताया जाता है कि कई और वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर बाहरी के मुद्दे को उठाया गया। कहा गया कि विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कार्यकर्ताओं की नाराजगी ठीक नहीं होगी। उधर, जिलाध्यक्ष डॉ. मिथिलेश त्रिपाठी ने अमर उजाला से कहा कि पंचायत चुनाव में जीते और पार्टी में शामिल हुए जिला पंचायत सदस्यों की मुलाकात पार्टी नेताओं से कराई जा रही है, जिससे इनका मनोबल बढ़ा रह सके। यह दौरा कार्यकर्ताओं के सम्मान के लिए था। अध्यक्ष पद का टिकट आगे तय होगा। पार्टी के वरिष्ठ नेता उस पर निर्णय लेंगे।
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